Nitish Kumar: अक्टूबर महीने में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार राज्यव्यापी दौरे पर निकलने वाले हैं। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद यह उनकी पहली बड़ी राजनीतिक गतिविधि होगी। नीतीश कुमार ने इस प्रस्तावित यात्रा के लिए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा को रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
मंगलवार को नीतीश कुमार के पटना स्थित आवास पर दोनों नेताओं के बीच इस दौरे की रणनीति को लेकर दो अहम बैठकें हुईं। जदयू सूत्रों के अनुसार, पार्टी 2 अक्टूबर, गांधी जयंती, को इस यात्रा की शुरुआत के लिए विचार कर रही है और चंपारण को पहला पड़ाव बनाने का प्रस्ताव है। हालांकि, यात्रा की अंतिम तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं और पार्टी नेताओं तथा जिला पदाधिकारियों से परामर्श के बाद ही इनकी घोषणा की जाएगी।
बिहार के 38 जिलों का दौरा: कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद
संजय कुमार झा ने नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद इस बात की पुष्टि की कि पूर्व मुख्यमंत्री राज्यव्यापी दौरा करेंगे। उम्मीद है कि नीतीश कुमार बिहार के सभी 38 जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान उनके साथ जदयू के वरिष्ठ नेता और स्थानीय पार्टी प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विकास और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा भी की जाएगी। यह यात्रा नीतीश कुमार को बिहार भर में पार्टी के सांगठनिक ढांचे के साथ सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद पहली बड़ी राजनीतिक पहल
नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद वह राज्यसभा सदस्य बने। उन्होंने मुख्यमंत्री का पद सत्तारूढ़ गठबंधन में भाजपा के नेता सम्राट चौधरी को सौंप दिया था। मुख्यमंत्री कार्यालय छोड़ने के बावजूद, नीतीश कुमार राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे हैं और मंत्रियों, पार्टी पदाधिकारियों तथा समर्थकों के साथ बैठकें करते रहे हैं।
अपने राजनीतिक करियर में नीतीश कुमार ने 16 बार राज्यव्यापी दौरे किए हैं। इस परंपरा की शुरुआत 2005 में न्याय यात्रा से हुई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने विभिन्न नामों से कई दौरे किए। पिछले साल के बिहार विधानसभा चुनावों से पहले, नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा की थी। इस साल की शुरुआत में, उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में रहते हुए समृद्धि यात्रा के तहत लगभग सभी जिलों का दौरा किया था, जो उनकी अंतिम राज्यव्यापी यात्रा थी। अक्टूबर में प्रस्तावित यह दौरा मुख्यमंत्री कार्यालय से राज्यसभा में जाने के बाद नीतीश कुमार की राज्य के साथ राजनीतिक जुड़ाव के एक नए चरण को चिह्नित करेगा।
आगामी यात्रा से पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और जनता के बीच सरकार के कार्यों का संदेश पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह दौरा बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की सक्रिय भूमिका को फिर से स्थापित करेगा और आने वाले समय में राज्य के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।








