Bihar ITI: बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक बनाने, छात्रों की सुविधाओं में सुधार करने और कौशल आधारित रोजगार के अवसरों को मजबूत करने के लिए कई अहम कदमों को मंजूरी दी है। युवा, रोजगार और कौशल विकास मंत्री अरुण शंकर प्रसाद की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में ये निर्णय लिए गए। इस दौरान आईटीआई के बुनियादी ढांचे, कौशल प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप कार्यक्रमों और छात्र कल्याण की समीक्षा की गई।
कौशल विकास और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण कदम
राज्य सरकार ने जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने का भी फैसला किया है। इस प्रस्तावित विश्वविद्यालय से व्यावसायिक और कौशल आधारित शिक्षा को मजबूती मिलेगी। यह आईटीआई और अन्य तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े छात्रों के लिए एक संरचित, रोजगारोन्मुखी इकोसिस्टम तैयार करेगा। अधिकारियों को सभी नोडल आईटीआई में राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (NAPS) के कार्यान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उनके तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक उद्योग अनुभव प्रदान करना है, जिससे कक्षा में मिली शिक्षा और रोजगार की आवश्यकताओं के बीच के अंतर को पाटने में मदद मिलेगी।
आईटीआई संस्थानों का आधुनिकीकरण और सुविधाएं
सभी सरकारी आईटीआई में सोलर पैनल लगाए जाएंगे। यह कदम अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली के खर्च को कम करने की राज्य की कोशिशों का हिस्सा है। इससे संस्थानों की पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होगी और लंबी अवधि में परिचालन लागत में भी कमी आएगी। साथ ही, छात्रों को अक्षय ऊर्जा और टिकाऊ प्रथाओं के बारे में अधिक जानकारी मिलेगी। सरकार ने राज्य संचालित आईटीआई में पूर्व छात्र संघ (एल्युमिनाई एसोसिएशन) बनाने का भी निर्णय लिया है। इन संघों के माध्यम से पूर्व छात्र अपने संस्थानों से जुड़े रहेंगे और मौजूदा छात्रों के साथ अपने पेशेवर अनुभव, करियर मार्गदर्शन और उद्योग संबंधी ज्ञान साझा करके योगदान दे सकेंगे।
भविष्य की योजनाएं और छात्रों को लाभ
महिला आईटीआई में आवासीय सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए, सरकार ने उन महिला आईटीआई में हॉस्टल निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित करने की योजना बनाई है, जहाँ अभी छात्रावास नहीं हैं। इन छात्रावासों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों की छात्राओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में दाखिला लेना और उनमें भाग लेना आसान हो जाएगा। सरकार ने उन सरकारी आईटीआई के लिए भूमि दान आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया है, जिनके पास वर्तमान में अपनी इमारतें नहीं हैं। इस प्रस्ताव के तहत, भूमि दान करने वाले व्यक्तियों या उनके पूर्वजों के नाम पर आईटीआई का नाम रखा जा सकता है, जिससे तकनीकी शिक्षा के बुनियादी ढांचे के विकास में स्थानीय भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा।
बैठक में कौशल विकास विभाग के सचिव कौशल किशोर और निदेशक रंजीत कुमार सहित कई अधिकारियों ने भाग लिया। इन फैसलों का उद्देश्य बिहार के आईटीआई बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है, साथ ही अक्षय ऊर्जा के उपयोग, अप्रेंटिसशिप के अवसरों, छात्र आवास और उद्योग संबंधों का विस्तार करना है।







