Jehanabad Oil Processing Unit: बिहार के जहानाबाद जिले में तेल प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की योजना बना रहे संगठनों के लिए एक सुनहरा अवसर सामने आया है। राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन के तहत बिहार सरकार 9.90 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर तिलहन उत्पादन और प्रसंस्करण को मजबूत करना है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार के अवसर मिल सकें।
आवेदन प्रक्रिया 15 अगस्त, 2026 से शुरू हो चुकी है और पात्र आवेदक 15 सितंबर, 2026 तक अपने आवेदन जमा कर सकते हैं। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और स्थानीय रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
तेल प्रसंस्करण इकाई पर 9.90 लाख की सब्सिडी
इस योजना के तहत, जहानाबाद में 10 टन क्षमता वाली एक तेल प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जाएगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 25 लाख रुपये तय की गई है, जिस पर 33% तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकतम 9.90 लाख रुपये की सब्सिडी उपलब्ध होगी। हालांकि, सब्सिडी की गणना में भूमि खरीद या शेड और इमारतों के निर्माण से संबंधित खर्च शामिल नहीं होंगे। इन लागतों का वहन आवेदक या संबंधित संगठन को स्वयं करना होगा। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भी एक बड़ा अवसर प्रदान करती है।
कौन कर सकता है आवेदन?
यह योजना कृषि और तिलहन प्रसंस्करण में शामिल विशिष्ट श्रेणियों के संगठनों के लिए लक्षित है। पात्र आवेदकों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- किसान उत्पादक संगठन (FPOs)
- वीसीपी (VCPs)
- तिलहन प्रसंस्करण में शामिल पंजीकृत स्टार्टअप
- सहकारी समितियां
यह पहल संगठित तेल प्रसंस्करण को बढ़ावा देने और तिलहन उत्पादन, प्रसंस्करण तथा बाजार पहुंच के बीच संबंध को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के माध्यम से अधिक से अधिक लोग आत्मनिर्भर बनें।
किसानों को कैसे मिलेगा लाभ?
इस क्षेत्र के किसान सरसों और तिल जैसे तिलहन की खेती करते हैं, लेकिन पर्याप्त स्थानीय प्रसंस्करण सुविधाओं की कमी अक्सर उनके लिए बेहतर बाजार तक पहुंच को सीमित कर देती है। प्रस्तावित तेल मिल से तिलहन की स्थानीय खरीद और प्रसंस्करण में सुविधा होगी, जिससे किसानों को अतिरिक्त विपणन विकल्प मिल सकते हैं और दूर स्थित प्रसंस्करण सुविधाओं पर निर्भरता कम होगी। यह पहल ग्रामीण उद्यमिता को भी प्रोत्साहित कर सकती है और तिलहन प्रसंस्करण से जुड़े रोजगार के अवसर पैदा कर सकती है।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज और अंतिम तिथि
ऑनलाइन आवेदन जमा करते समय आवेदकों को कई दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जिनमें शामिल हैं:
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR)
- आधार कार्ड
- बैंक खाते का विवरण
- बैंक ऋण स्वीकृति से संबंधित दस्तावेज
- आवेदक संगठन का पंजीकरण प्रमाण पत्र
आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। ऑनलाइन आवेदन विंडो 15 अगस्त को खुली और 15 सितंबर, 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इच्छुक और पात्र आवेदक कृषि विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। जहानाबाद के जिला कृषि अधिकारी ने इस योजना को जिले में तिलहन उत्पादन और प्रसंस्करण को मजबूत करने तथा किसानों की आय का समर्थन करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया है। एक महीने की सीमित आवेदन अवधि को देखते हुए, तेल प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के इच्छुक पात्र FPO, स्टार्टअप और सहकारी समितियों को अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।






