Bihar Skill Development: 21 अगस्त 2026, बिहार के युवाओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) के संचालन को लेकर फैले भ्रम को पूरी तरह से दूर कर दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), प्रखंड कौशल विकास केन्द्रों, प्रखंड स्तरीय राजकीय महाविद्यालयों और अन्य सरकारी संस्थानों की मौजूदा अवसंरचना का उपयोग करके चलाया जाएगा। इस पहल से युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक कौशल सीखने का बेहतरीन अवसर मिलेगा।
विभाग का मुख्य उद्देश्य बिहार के युवाओं को उद्योगों की वर्तमान जरूरतों और बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देना है। इसमें नई तकनीक और अधिक मांग वाले क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि युवा भविष्य के लिए तैयार हो सकें।
भ्रम दूर, अब मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
कुछ केंद्र संचालकों द्वारा कार्यक्रम के संचालन को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर विभाग ने सख्ती से विराम लगा दिया है। विभाग ने साफ किया है कि KYP का संचालन पूरी तरह से सरकारी संस्थानों के माध्यम से होगा। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को उन क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा जिनकी बाजार में भारी मांग है। इससे उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी और वे तेजी से बदलती औद्योगिक जरूरतों के हिसाब से खुद को ढाल पाएंगे।
इन हाई-डिमांड सेक्टर्स में युवाओं को मिलेगी स्किल्स
कुशल युवा कार्यक्रम के तहत युवाओं को कई आधुनिक और मांग वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें सोलर तकनीक, ड्रोन तकनीक, नेटवर्किंग, होम नर्सिंग, मल्टी-स्किल्ड वर्कर, लैब टेक्नीशियन और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, ब्यूटी एवं वेलनेस, बेकरी, इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी और डिजिटल मार्केटिंग जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण उपलब्ध होगा। बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, टैली, विदेशी भाषा और उद्यमिता से जुड़े प्रशिक्षण भी इस कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा होंगे, जिससे युवाओं को व्यापक विकल्प मिल सकें।
विभाग का मानना है कि ‘इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण से युवाओं को बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप दक्षता हासिल करने और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।’
युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने यह भी बताया है कि पूर्व में नवीनीकरण योग्य पाए गए कौशल विकास केन्द्रों के संचालकों और एजेंसियों को चयन की प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी। यह उन अनुभवी संचालकों के लिए प्रोत्साहन का काम करेगा जिन्होंने पहले भी कार्यक्रम में योगदान दिया है।
रोजगार पाने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनेंगे युवा
इस कार्यक्रम का लक्ष्य केवल युवाओं को रोजगार दिलाना नहीं है, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए भी प्रेरित करना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा न केवल नौकरी हासिल कर सकेंगे, बल्कि अपना खुद का उद्यम भी शुरू कर पाएंगे। इससे वे दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करने में सक्षम होंगे।
विभाग का स्पष्ट लक्ष्य है कि बिहार के युवाओं को रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाया जाए। यह पहल राज्य में आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे युवाओं का भविष्य उज्ज्वल होगा।







