Patna News: खाद्य सुरक्षा विभाग ने पटना के कंकड़बाग इलाके में स्थित छह रेस्तरां और मिठाई की दुकानों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की है। इन प्रतिष्ठानों से लिए गए पनीर, खोआ, काजू और मसालों के नमूने प्रयोगशाला जांच में विफल पाए गए थे। विभाग द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का जवाब न मिलने के बाद अब इन मामलों को अपर जिला दंडाधिकारी (राजस्व)-सह-न्याय निर्णयन अधिकारी के समक्ष दायर किया जाएगा। यदि दोषी पाए जाते हैं, तो इन दुकान संचालकों पर 3 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
कैसे पकड़ी गई मिलावट?
विभाग की विशेष प्रवर्तन टीम ने 13 जून को कंकड़बाग में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया था। इस दौरान शालिमार और नॉवेल्टी सहित छह प्रमुख प्रतिष्ठानों और उनकी उत्पादन इकाइयों की जांच की गई। अधिकारियों ने इन जगहों से पनीर, खोआ, काजू और मसालों के नमूने एकत्र किए थे। इन नमूनों को विश्लेषण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया था। प्रयोगशाला रिपोर्ट में ये नमूने घटिया या मिलावटी पाए गए, जिसके बाद विभाग ने 10 जुलाई को संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
नोटिस का जवाब नहीं, अब कोर्ट में मामला
इन प्रतिष्ठानों को अपनी सफाई पेश करने के लिए लगभग एक महीने का समय दिया गया था। हालांकि, खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, निर्धारित अवधि के भीतर किसी भी संचालक ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। जवाब न मिलने के बाद, विभाग ने अब एडीएम न्यायालय में शिकायतें दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई मिलावट के खिलाफ विभाग की सख्त नीति का हिस्सा है।
त्योहारों से पहले बढ़ रहा मिलावट का खतरा
रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के दौरान खोआ, पनीर, दूध, देसी घी और सूखे मेवों की मांग काफी बढ़ जाती है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मांग में इस वृद्धि से व्यापारियों को मुनाफा बढ़ाने के लिए सस्ते, घटिया या सिंथेटिक पदार्थों का उपयोग करने का अवसर मिल सकता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने राज्यों को त्योहारों से पहले विशेष निरीक्षण अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया, ‘त्योहारी सीजन में मिलावट की आशंका बढ़ जाती है। हम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं करेंगे और मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेंगे।’
खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावटी खाद्य उत्पादों के पीछे की आपूर्ति श्रृंखला की भी जांच कर रहा है, जिसमें विनिर्माण इकाइयां, थोक आपूर्तिकर्ता और अंतर-जिला परिवहन नेटवर्क शामिल हैं। अधिकारियों ने पहले भी पटना और बिहार के अन्य हिस्सों में मिलावटी पनीर और खोआ की बड़ी खेप पकड़ी है। होली और दिवाली के दौरान भी विभाग ने सैकड़ों किलोग्राम संदिग्ध सिंथेटिक पनीर जब्त किया था। रक्षाबंधन से पहले, अधिकारी पटना के प्रमुख थोक बाजारों, डेयरी हब, विनिर्माण इकाइयों और मिठाई की दुकानों पर निरीक्षण और नमूना संग्रह को और तेज करने की योजना बना रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ पहुंच सकें।






