Bihar Maati Kala Board: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने हाल ही में पटना में आयोजित प्रजापति समाज के सम्मान समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने अति पिछड़ा वर्ग के लिए राज्य में लागू विभिन्न योजनाओं और आरक्षण व्यवस्था का विस्तार से उल्लेख किया। यह कार्यक्रम बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति द्वारा श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आभार-सह-सम्मान समारोह के रूप में आयोजित किया गया था।
अति पिछड़ा वर्ग के लिए बिहार सरकार की पहल
मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि बिहार उन अग्रणी राज्यों में से एक रहा है, जिसने पंचायतों में अति पिछड़ा वर्ग को 20 प्रतिशत और नगर निकायों में भी 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है। उन्होंने प्रजापति समाज के शिल्पियों के लिए चलाई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी और साथ ही माटी कला बोर्ड के गठन की लंबे समय से चली आ रही मांग का समर्थन किया। निशांत कुमार ने इस बात पर भी जोर दिया कि बिहार में पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के लिए एक अलग कल्याण विभाग बनाया गया है, जिससे इस वर्ग के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
निशांत कुमार ने कहा, “प्रजापति समाज का पारंपरिक काम बिहार की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है। पीढ़ियों से समाज के कारीगर मिट्टी से अलग-अलग तरह के उत्पाद और कलाकृतियां तैयार करते रहे हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए।”
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों को अपनी नीतियों और योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ाया। अति पिछड़ा समाज के युवाओं और परिवारों के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास, उद्यमिता, कौशल विकास, सिविल सेवा प्रोत्साहन और ग्राम परिवहन योजना जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य शिक्षा, रोजगार और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देना है।
पारंपरिक शिल्पियों को प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की योजना
समारोह में प्रजापति समाज के पारंपरिक शिल्प से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मंत्री निशांत कुमार ने जानकारी दी कि उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के माध्यम से टेराकोटा और सिरामिक कला का छह माह का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के दौरान मासिक छात्रवृत्ति की व्यवस्था भी की गई है, ताकि कलाकारों को आर्थिक सहायता मिल सके।
- शिल्पियों को मेलों में मुफ्त स्टॉल उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
- यात्रा भत्ता जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं।
- इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कला से जुड़े लोगों को उचित प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ना है।
माटी कला बोर्ड के गठन को लेकर भी मंत्री निशांत कुमार ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है और उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से प्रजापति समाज की इस मांग पर जल्द से जल्द फैसला लेने की अपील की। मीडिया से बातचीत के दौरान भी निशांत कुमार ने अति पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए किए गए कार्यों को दोहराया, जिसमें शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और प्रशासनिक सेवाओं में अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में प्रजापति समाज से जुड़े निर्वाचित विधान परिषद सदस्यों का भी सम्मान किया गया। समिति ने बताया कि कार्यक्रम में समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। निशांत कुमार ने अंत में कहा कि प्रजापति समाज के पारंपरिक हुनर को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, बाजार और संस्थागत सहयोग की अत्यंत आवश्यकता है, और माटी कला बोर्ड का गठन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। फिलहाल इस महत्वपूर्ण मांग पर सरकार के स्तर से अंतिम निर्णय का इंतजार है।







You must be logged in to post a comment.