Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव अपने परिवार के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। उनके साथ नेता प्रतिपक्ष बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और परिवार के अन्य सदस्य भी दिल्ली गए हैं। पटना एयरपोर्ट पर रवाना होने से पहले तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने नेपाल में बनी स्थिति और जातिगत गणना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रखी।

नेपाल संकट पर तेजस्वी की चेतावनी
तेजस्वी यादव ने नेपाल में बनी मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नेपाल की परिस्थितियों का असर बिहार पर भी पड़ सकता है, जिसे देखते हुए राज्य सरकार को पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए। तेजस्वी ने इस बात पर जोर दिया कि केवल सरकार ही नहीं, बल्कि आम लोगों को भी सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी आवश्यक है।
तेजस्वी यादव ने कहा, “सरकार को केवल घटनाक्रम पर नजर रखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जरूरत पड़ने पर पहले से आवश्यक इंतजाम भी किए जाने चाहिए। सतर्कता सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, आम लोगों को भी परिस्थितियों को समझते हुए सावधान रहना होगा। किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सरकार और जनता दोनों की तैयारी जरूरी है।”
जातिगत गणना पर आरजेडी का रुख
पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने जातिगत गणना के मुद्दे पर अपनी पार्टी का रुख दोहराया। उन्होंने कांग्रेस की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि आरजेडी पहले से ही इस विषय को उठाती रही है। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि जिस तरह बिहार में जातिगत गणना कराई गई है, उसी आधार पर पूरे देश में भी जातिगत गणना होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बिहार का अनुभव देश के सामने है और जातिगत आंकड़ों के आधार पर समाज की वास्तविक स्थिति को समझने में मदद मिल सकती है।
इसी कारण उनकी पार्टी लगातार राष्ट्रीय स्तर पर जातिगत गणना की मांग करती रही है। तेजस्वी यादव ने संकेत दिया कि यह मुद्दा आगे भी विपक्ष की प्रमुख राजनीतिक मांगों में शामिल रहेगा। उनकी यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में जातिगत गणना के राष्ट्रीय महत्व पर बहस को और तेज कर सकती है।









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