Bihar Satellite Township: बिहार की राजधानी पटना में आबादी का दबाव कम करने और सुनियोजित विकास के लिए एक बड़ी योजना पर काम शुरू हो गया है। पटना के दक्षिण में एक नया शहर बसाने की तैयारी है, जिसे ‘पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप’ नाम दिया गया है। यह टाउनशिप मौजूदा पटना से करीब डेढ़ गुना ज्यादा बड़ा होगा और इसमें लगभग 66 लाख लोगों के रहने की व्यवस्था की जाएगी।
नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रारूप जारी कर दिया है। आम जनता 30 सितंबर तक इस योजना पर अपने सुझाव या आपत्तियां दर्ज करा सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि यह नया शहर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार हो।

81730 एकड़ में फैलेगा नया पाटलिपुत्र शहर
पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप के लिए कुल 81730 एकड़ भूमि क्षेत्र तय किया गया है। वर्तमान में, पटना नगर निगम, दानापुर, खगौल, फुलवारी और संपतचक को मिलाकर पटना का शहरी क्षेत्र करीब 54 हजार एकड़ में फैला हुआ है। इस तुलना में, नया पाटलिपुत्र टाउनशिप इन सभी मौजूदा इलाकों से भी लगभग डेढ़ गुना बड़ा होगा। अगर सिर्फ पटना नगर निगम क्षेत्र से इसकी तुलना करें, तो यह नया टाउनशिप करीब तीन गुना विशाल होगा।
इन इलाकों को किया गया शामिल
सरकार ने इस नए शहर के लिए बिहार की राजधानी पटना के दक्षिणी हिस्से में एक बड़ा क्षेत्र चुना है। इसमें पुनपुन नगर पंचायत को पूरी तरह से शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, नौबतपुर नगर पंचायत के कुछ वार्ड भी इस योजना का हिस्सा होंगे। पटना जिले के 9 प्रखंडों के कुल 273 राजस्व गांवों को भी इस नए टाउनशिप के दायरे में लाया गया है।
आवासीय, औद्योगिक और शहरी खेती का अनूठा मॉडल
पाटलिपुत्र टाउनशिप केवल आवासीय कॉलोनियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसे एक पूर्ण शहर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ लोगों की दैनिक आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा। योजना में आवासीय क्षेत्र, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, मॉल, कॉम्प्लेक्स, पार्क और स्पोर्ट्स सिटी जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। इसके साथ ही, आवागमन को सुगम बनाने के लिए एक मल्टी मॉडल हब भी बनाया जाएगा।
नए शहर में औद्योगिक इलाके भी विकसित किए जाएंगे, जिससे पटना के आसपास व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। जानकारों का मानना है कि यह परियोजना राजधानी पर बढ़ रहे आबादी के दबाव को कम करने में सहायक होगी और नए रोजगार के अवसर पैदा करेगी। खास बात यह है कि इस टाउनशिप की योजना में शहरी खेती के लिए भी जगह आरक्षित की गई है, जो इसे एक टिकाऊ और आत्मनिर्भर शहर बनाएगी।
2047 की जरूरतों पर आधारित है यह योजना
यह टाउनशिप वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य को ध्यान में रखकर विकसित की जा रही है। योजना में वर्ष 2047 की संभावित जरूरतों को आधार बनाया गया है। इसका अर्थ है कि आने वाले वर्षों में बढ़ने वाली आबादी, रोजगार के अवसर, परिवहन सुविधाएं और अन्य शहरी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अभी से ही व्यापक योजना तैयार की जा रही है।
यह बिहार में बनने वाली अकेली सैटेलाइट टाउनशिप नहीं होगी। राज्य सरकार ने कुल 12 नए सैटेलाइट शहर विकसित करने की योजना बनाई है। इनमें राज्य के सभी 9 प्रमंडल मुख्यालयों के अलावा सीतामढ़ी, सोनपुर और डेहरी के पास भी नए शहर बनाने की तैयारी है।
नगर विकास एवं आवास विभाग ने पाटलिपुत्र टाउनशिप का प्रारूप जारी कर दिया है। जो लोग इस योजना पर अपनी बात रखना चाहते हैं, वे 30 सितंबर तक अपनी आपत्ति या सुझाव दे सकते हैं। इसके बाद सरकार आगे की प्रक्रिया पर काम करेगी।







