Bihar Rail Bridge: बिहार के मोकामा में गंगा नदी पर बना नया डबल लाइन रेल ब्रिज अक्टूबर महीने से ट्रेनों के परिचालन के लिए तैयार हो जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से राज्य की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आएगा और ट्रेनें 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगी। हालांकि, इस बड़ी उपलब्धि से पहले यात्रियों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि पुल पर काम पूरा करने के लिए रेलवे ने 338 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 20 सितंबर से 4 अक्टूबर तक नॉन-इंटरलॉकिंग का महत्वपूर्ण कार्य किया जाएगा। इसी अवधि में अलग-अलग तारीखों पर कुल 338 ट्रेनों को रद्द किया गया है। कई ट्रेनों के रूट में भी बदलाव किया जाएगा, जबकि कुछ गाड़ियों को बीच रास्ते में ही रोका जा सकता है। पटना से चलने या गुजरने वाली लगभग 30 जोड़ी ट्रेनें भी इस दौरान प्रभावित होंगी, जिससे त्योहारों के सीजन में यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है।

1700 करोड़ की लागत से तैयार हुआ नया पुल
इस आधुनिक बिहार रेल ब्रिज परियोजना पर लगभग 1700 करोड़ रुपये का खर्च आया है। इस पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई कनेक्टिंग ट्रैक समेत करीब 14 किलोमीटर है, जिसमें मुख्य रेल पुल लगभग 1.86 किलोमीटर लंबा है। इस नए पुल के चालू होने से ट्रेनों को आउटर पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी, जिससे यात्रा के समय में काफी कमी आएगी।
पुराने गंगा पुल पर केवल सिंगल लाइन होने के कारण तकनीकी दिक्कतें आती थीं, जिसके समानांतर यह नया डबल लाइन पुल बनाया गया है। रेलवे का मानना है कि यह परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को काफी राहत मिलेगी और ट्रेनों का परिचालन सुगम होगा।
उत्तर-दक्षिण बिहार को मिलेगी बड़ी राहत
मोकामा के इस डबल लाइन पुल पर ट्रेनों का परिचालन शुरू होने के बाद पटना, बेगूसराय, लखीसराय, समस्तीपुर, खगड़िया और सीमांचल सहित उत्तर और दक्षिण बिहार के कई जिलों के बीच सफर करना बेहद आसान हो जाएगा। यह पुल अपर हथीदह, ताल जंक्शन, रामपुर दुमरा, दिनकर ग्राम सिमरिया और बरौनी जंक्शन जैसे महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शनों को जोड़ेगा, जिससे पूरे क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
इन राज्यों की ट्रेनें भी होंगी प्रभावित
नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों की ट्रेनें भी प्रभावित होंगी। जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से गुजरने वाली कई ट्रेनें रद्द या परिवर्तित मार्ग से चलेंगी। रद्द होने वाली प्रमुख ट्रेनों में हावड़ा-मोकामा एक्सप्रेस, मोकामा-हावड़ा एक्सप्रेस, हावड़ा-जयनगर एक्सप्रेस, जयनगर-पटना एक्सप्रेस, पटना-जयनगर एक्सप्रेस, मोकामा-किऊल और किऊल-पटना जैसी कई पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जांच लें।
इस नई परियोजना से बिहार में रेल यातायात की गति और दक्षता में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, जिससे राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी।







