Bihar Nepal Flood Missing: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और त्रासदी ने पूर्वी चंपारण के एक परिवार की खुशियां छीन ली हैं। बीजधरी थाना क्षेत्र के जगिरहाँ गांव के तीन युवक, जो नेपाल में काम करते थे, पिछले चार दिनों से लापता हैं। परिजनों का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे पूरे परिवार में गहरा सदमा और चिंता व्याप्त है।
रिश्ते में हैं तीनों सगे भाई
लापता हुए तीनों युवक जगिरहाँ गांव के वार्ड संख्या-9 के निवासी हैं और सगे भाई बताए जाते हैं। इनमें रामबाबू साह, मुनिल कुमार साह और प्रमोद प्रसाद शामिल हैं। ये तीनों पिछले करीब पांच वर्षों से नेपाल में रहकर मजदूरी कर रहे थे। परिवार के लिए रोजी-रोटी का जरिया बने इन युवकों के अचानक लापता होने से घर में मातम पसरा है।
नेपाल की कंपनी में करते थे काम
परिजनों ने बताया कि रामबाबू साह, मुनिल कुमार साह और प्रमोद प्रसाद नेपाल के रसुवा जिले के माइलुंग स्थित एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कार्यरत थे। कुछ समय पहले वे अपने घर आए थे और फिर अलग-अलग तारीखों पर वापस नेपाल लौट गए थे।
आखिरी बार 26 अगस्त को हुई थी बात
परिजनों के अनुसार, रामबाबू साह 10 जुलाई को, प्रमोद प्रसाद 22 जुलाई को और मुनिल कुमार साह 15 अगस्त को नेपाल के लिए रवाना हुए थे। वीरेंद्र प्रसाद नामक एक परिजन ने जानकारी देते हुए बताया:
“रामबाबू साह 10 जुलाई, प्रमोद प्रसाद 22 जुलाई और मुनिल कुमार साह 15 अगस्त को नेपाल गए थे। 26 अगस्त की सुबह रामबाबू साह से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद नेपाल में बाढ़ और त्रासदी की खबर आने के बाद से तीनों युवकों से संपर्क नहीं हो सका है।”
इस बातचीत के बाद से ही उनका मोबाइल बंद या संपर्क से बाहर आ रहा है।
प्रशासन से मदद की गुहार
चार दिनों से लगातार संपर्क न होने के कारण परिवार के सदस्य बेहाल हैं। वे लगातार तीनों के मोबाइल पर कॉल कर रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। परिजनों ने बीजधरी थाना पुलिस को भी इस मामले की जानकारी दी है और प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द तीनों युवकों की तलाश में आवश्यक पहल की जाए ताकि उनकी सकुशल वापसी सुनिश्चित हो सके।
लापता युवकों के परिवार में बेचैनी बढ़ती जा रही है। जगिरहाँ गांव में ग्रामीण भी इस घटना से चिंतित हैं और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। परिजनों को उम्मीद है कि सरकारी स्तर पर प्रयास होने से उनके बेटों का पता चल पाएगा।







