Araria Police: बिहार के अररिया जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। अररिया जिला पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने फारबिसगंज थाना क्षेत्र के हरिपुर वार्ड संख्या चार में एक घर पर छापेमारी कर बम बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध हथियार और बम बनाने का सामान बरामद किया गया है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। उन्हें जानकारी मिली कि हरिपुर वार्ड संख्या 4 में मुर्शीद और खुर्शीद नाम के दो भाई बम बनाने का काम कर रहे हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसटीएफ के सहयोग से अररिया जिला पुलिस की टीम ने हरिपुर वार्ड संख्या चार स्थित मिट्टी के मकान और एस्बेस्टस की छत वाले घर पर छापा मारा।

छापेमारी में क्या-क्या मिला?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कई खतरनाक चीजें बरामद कीं। इसमें चार देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस और दो खाली खोखे शामिल हैं। इसके अलावा, बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला 300 ग्राम बारूद, शीशे के टुकड़े, रेती, सुतरी, पिलाश और लोहे का पाइप जैसे उपकरण भी जब्त किए गए। यह बरामदगी इलाके में किसी बड़ी आपराधिक साजिश को अंजाम देने की आशंका को बल देती है।
एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया, ‘पुलिस को यह सूचना मिली थी कि हरिपुर वार्ड संख्या 4 में मुर्शीद और खुर्शीद दोनों भाई के द्वारा बम बनाया जा रहा है। हमारी टीम ने तुरंत कार्रवाई की और बम बनाने का सामान बरामद किया।’
एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य फरार
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छापेमारी के दौरान एक व्यक्ति पीछे से भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर उसे पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति ने अपना नाम खुर्शीद बताया। एसपी ने यह भी जानकारी दी कि रात के अंधेरे का लाभ उठाकर खुर्शीद का भाई मुर्शीद और अन्य लोग मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है और उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
गिरफ्तार आरोपी खुर्शीद के आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने का काम भी शुरू कर दिया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी निशानदेही पर फरार हुए अन्य आरोपियों को भी जल्द ही पकड़ा जा सकेगा। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध हथियार और विस्फोटक सामग्री के निर्माण पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी, जिससे आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।






