Kamtaul Ahari Electricity: आंचल कुमारी दरभंगा। बिहार के बिहार के कमतौल-अहियारी नगर पंचायत को भले ही कागजों पर शहरी क्षेत्र का दर्जा मिल गया हो, लेकिन अहियारी के हजारों नागरिक आज भी ग्रामीण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पर निर्भर हैं। दो साल से एक अलग बिजली फीडर का काम लटका हुआ है, जिसके कारण लोगों को लगातार लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
यह मुद्दा बुधवार को हुई नगर पंचायत की बोर्ड बैठक में भी जोर-शोर से उठा। वार्ड-11 के पार्षद अभिषेक कुमार ने लिखित रूप से इस समस्या को उजागर किया, जिसके बाद बैठक में हंगामा और धमकी वाले विवाद की स्थिति बन गई।
शहरी क्षेत्र घोषित, सुविधाएं ग्रामीण जैसी
पार्षद अभिषेक कुमार ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि पूर्व में ग्रामीण क्षेत्र रहे अहियारी राजस्व ग्राम को मिलाकर ही कमतौल-अहियारी नगर पंचायत का गठन किया गया था। शहरी क्षेत्र घोषित होने के बाद यहां के नागरिकों को शहरी सुविधाएं मिलना अनिवार्य है। हालांकि, विद्युत विभाग की उदासीनता के चलते अहियारी क्षेत्र के लिए अब तक अलग विद्युत फीडर का निर्माण नहीं हो पाया है।
नतीजतन, आज भी अहियारी के लोग तीन साल पुरानी ग्रामीण विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर ही निर्भर हैं। यह स्थिति नगर पंचायत के सतत विकास में बड़ी बाधा बन रही है, और नागरिकों को बुनियादी सुविधा से वंचित कर रही है।
पार्षद ने उठाया मुद्दा, बैठक में हुआ हंगामा
पार्षद अभिषेक कुमार ने अपने पत्र में लिखा है, ‘नगर पंचायत का विकास हो रहा है, बावजूद इसके अहियारी शहरी क्षेत्र में आज तक एक अलग फीडर नहीं है। नगरवासी आज भी तीन साल पुरानी ग्रामीण बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर निर्भर हैं। इसके कारण नगरवासियों को वोल्टेज की कमी, बार-बार ट्रिपिंग जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।’
अभिषेक कुमार ने मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी से जनहित में जल्द से जल्द अहियारी के लिए अलग फीडर से बिजली आपूर्ति शुरू कराने का आग्रह किया है। बताया जा रहा है कि इसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के दौरान बोर्ड बैठक में गरमागरमी बढ़ गई और हंगामा व धमकी वाला विवाद शुरू हो गया।
नागरिकों की मांग, प्रशासन से उम्मीद
कमतौल क्षेत्र के लिए पहले ही एक अलग विद्युत फीडर बन चुका है, ऐसे में अहियारी के नागरिक भी अपने लिए ऐसी ही व्यवस्था की उम्मीद कर रहे हैं। लो वोल्टेज और बार-बार बिजली कटौती से उनके दैनिक जीवन और व्यवसाय दोनों प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन और विद्युत विभाग से उम्मीद है कि वे इस लंबित कार्य को प्राथमिकता देंगे ताकि शहरी दर्जा प्राप्त इस क्षेत्र के लोगों को भी वास्तविक शहरी बिजली सुविधा मिल सके।







