Bihar GST Revenue: बिहार की आर्थिक स्थिति के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में राज्य के जीएसटी राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल से अगस्त के बीच निपटान के बाद बिहार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व के रूप में कुल 13,870 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 8% अधिक है।
वाणिज्य कर विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 12,883 करोड़ रुपये था। जीएसटी संग्रह में यह वृद्धि राज्य के लिए सकारात्मक संकेत है, जिससे विभाग उत्साहित है।
अगस्त में जीएसटी संग्रह की स्थिति
अगस्त महीने के आंकड़ों पर गौर करें तो निपटान के बाद बिहार को 2,684 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ है। निपटान से पहले राज्य का जीएसटी संग्रह 907 करोड़ रुपये रहा था। निपटान के बाद की यह उच्च राशि जीएसटी निपटान प्रक्रिया के माध्यम से राज्य के हिस्से के आवंटन को दर्शाती है, जो राज्य की वित्तीय मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
राजस्व वृद्धि के प्रमुख कारण
जीएसटी राजस्व में इस वृद्धि के पीछे कई प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। इसमें उच्च उपभोग और कर आधार का विस्तार शामिल है। जीएसटी 2.0 सुधारों के तहत, घरेलू सामान, कपड़े और आवश्यक दवाओं पर कम कर दरों ने ग्रामीण और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के बीच खरीद गतिविधि को बढ़ावा दिया है, जिससे उपभोग में वृद्धि हुई है।
इसके अतिरिक्त, छोटे व्यापारियों और व्यवसायों के डिजिटलीकरण ने भी अधिक आर्थिक गतिविधियों को औपचारिक कर प्रणाली के दायरे में लाया है। अधिकारियों ने डेटा एनालिटिक्स और ई-वे बिलों की जांच के माध्यम से कर अनुपालन को भी मजबूत किया है। इन उपायों का उद्देश्य कर चोरी का पता लगाना और राजस्व के नुकसान को कम करना है।
त्योहारी सीजन से और बढ़ोतरी की उम्मीद
आने वाला त्योहारी सीजन भी उपभोग और राज्य के जीएसटी संग्रह को बढ़ाने में सहायक होने की उम्मीद है। विभाग के अनुसार, अक्टूबर में नवरात्रि और दशहरा जैसे प्रमुख त्योहारों के कारण खर्च में वृद्धि होगी, जिससे जीएसटी संग्रह को और अधिक बढ़ावा मिल सकता है। यह वृद्धि राज्य की वित्तीय स्थिति को और मजबूत करेगी।







