Bihar Cabinet: बुधवार, 2 सितंबर 2026 को बिहार की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। शाम चार बजे शुरू हुई इस बैठक में कुल 27 बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिनका सीधा असर राज्य के चौमुखी विकास और युवाओं के भविष्य पर पड़ेगा। विशेष रूप से शिक्षा, औद्योगिक विकास और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से कई अहम निर्णय लिए गए हैं।
छात्रों को मिली बड़ी सौगात: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को विस्तार
शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार ने छात्रों को बड़ी राहत प्रदान की है। उच्च शिक्षा विभाग के एक अहम प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक राज्य के छात्र इस महत्वाकांक्षी योजना का लगातार लाभ उठा सकेंगे।
इस योजना के तहत पहले की तरह ही बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से छात्रों को चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण आसानी से उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा होगी।
ई-कैबिनेट प्रणाली से बढ़ेगी पारदर्शिता, औद्योगिक विकास को नई उड़ान
सरकारी कामकाज को पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में राज्य में ई-कैबिनेट प्रणाली लागू करने का बड़ा निर्णय लिया गया है। इस नई व्यवस्था को सुचारु रूप से शुरू करने के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से दो करोड़ पचहत्तर लाख रुपये अग्रिम प्राप्त करने की औपचारिक स्वीकृति भी दे दी गई है।
औद्योगिक और ढांचागत विकास के मोर्चे पर भी सरकार ने तेजी से कदम बढ़ाए हैं। बेगूसराय जिले के बरौनी अंचल स्थित मल्हीपुर में 700 एकड़ गैरमजरूआ खास भूमि को उद्योग विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई है। इस विशाल भूखंड पर एक बड़े औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की जाएगी, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
आम लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए अरवल जिले के करपी अंचल में 25 एकड़ जमीन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल के निर्माण हेतु स्वास्थ्य विभाग को आवंटित कर दी गई है। राजधानी की रफ्तार को तेज करने के लिए पटना में नेहरू पथ (डाकबंगला चौराहा से रूकनपुरा तक) के चौड़ीकरण के लिए लगभग उनचालीस करोड़ अस्सी लाख रुपये की बड़ी प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
शहरी निकायों को मिलेगी आर्थिक मजबूती, ग्रामीण विकास पर भी जोर
राज्य के शहरी निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर एक दूरगामी फैसला लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक राज्य के सभी नगर निकायों को बेसिक और परफॉरमेंस अनुदान के रूप में 9169 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित की जाएगी।
राज्य के ग्रामीण अर्थतंत्र और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाएं स्वीकृत हुई हैं। ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत बिहार राज्य बकरी पालक सहकारी परिसंघ के गठन के लिए 14 करोड़ 79 लाख रुपये से अधिक की योजना को हरी झंडी मिल गई है।
राज्य की समृद्ध संस्कृति के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बिहार संग्रहालय समिति को 40 करोड़ रुपये का सहायक अनुदान भी मंजूर किया गया है। इसके साथ ही अमर शहीद रामफल मंडल और महान स्वतंत्रता सेनानी पं. राजकुमार शुक्ल की जयंती को संबंधित जिलों में राजकीय समारोह के रूप में मनाने का ऐतिहासिक फैसला भी लिया गया है। ये निर्णय बिहार के समग्र विकास और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे। देखें पूरी लिस्ट








You must be logged in to post a comment.