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बड़ी खबर! बिहार में अब 690 रूटों पर दौड़ेंगी 114 से ज्यादा नई इलेक्ट्रिक बसें, जानें कब से मिलेगी सुविधा

Bihar Electric Bus: परिवहन विभाग ने पर्यावरण हितैषी सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की व्यापक योजना बनाई है। इन बसों से शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों को भी जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को प्रदूषण मुक्त और सुविधाजनक यात्रा मिलेगी।

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Bihar Electric Bus: सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बिहार में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार ने 114 से अधिक नई इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारने की योजना तैयार की है। ये बसें पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया सहित कई अन्य जिलों में कुल 690 चिन्हित रूटों पर संचालित होंगी। परिवहन विभाग ने इन बसों का संचालन दिसंबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन के नए विकल्प प्रदान करना, प्रदूषण को कम करना और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाना है।

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गांवों और जिला मुख्यालयों को जोड़ेगा नया नेटवर्क

प्रस्तावित इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क केवल प्रमुख शहरों तक ही सीमित नहीं रहेगा। इस योजना में शहरी केंद्रों को आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने और गांवों, छोटे कस्बों व जिला मुख्यालयों के बीच सार्वजनिक परिवहन संपर्क में सुधार पर भी जोर दिया गया है। परिवहन विभाग के अनुसार, विभिन्न जिलों में सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकताओं के आधार पर इन मार्गों की पहचान की गई है। इन मार्गों पर नियमित बस सेवाओं से जिला मुख्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक यात्रा अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

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छोटे और बड़े दोनों तरह की बसें होंगी शामिल

इस नई बेड़े में छोटे और बड़े दोनों प्रकार की इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। किसी विशेष मार्ग पर किस प्रकार की बसें चलाई जाएंगी, यह सड़क की स्थिति, जनसंख्या घनत्व और यात्रियों की आवश्यकता पर निर्भर करेगा। अधिक यात्री मांग वाले मार्गों पर बड़ी बसों को तैनात किया जा सकता है, जबकि कम मांग वाले या संकरी सड़कों वाले मार्गों पर छोटी बसें चलाई जाएंगी।

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दिसंबर 2026 तक परिचालन का लक्ष्य

परिवहन विभाग ने दिसंबर 2026 तक इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बसों की उपलब्धता, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और दैनिक परिचालन से संबंधित आवश्यकताओं की योजना बनाने सहित प्रारंभिक कार्य प्रगति पर है। चिन्हित मार्गों की जरूरतों के अनुसार अंतिम व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।

स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन पर विशेष ध्यान

इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता को कम करना भी है। विभाग को उम्मीद है कि सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। बसों के बढ़ते उपयोग से सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव और ईंधन की खपत भी कम हो सकती है, जिससे स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा मिलेगा।

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बिहार में 5.13 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत

परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में विभिन्न श्रेणियों में कुल 5,13,436 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से इलेक्ट्रिक रिक्शा की संख्या सबसे अधिक है, जो 3,37,116 है और राज्य के कुल पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहनों का 65.66% है। इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल और स्कूटर 92,895 वाहनों के साथ दूसरी सबसे बड़ी श्रेणी में हैं। इसके अतिरिक्त, बिहार में 61,983 यात्री तिपहिया वाहन और 4,093 इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाहन भी हैं। राज्य में 3,847 इलेक्ट्रिक मोटर कारें और 3,098 इलेक्ट्रिक मोपेड भी पंजीकृत हैं। वर्तमान में केवल 27 इलेक्ट्रिक बसें पंजीकृत हैं, ऐसे में 114 से अधिक नई बसों के जुड़ने से राज्य में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन की पहुंच और उपस्थिति में महत्वपूर्ण विस्तार होगा।

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