Gopalganj Dead Bodies: बिहार के गोपालगंज में गंडक नदी में तैरते शवों को लेकर ग्रामीणों के दावे से हड़कंप मच गया है। सदर प्रखंड के खाप मकसूदपुर के पास ग्रामीणों ने नदी में कई शव देखे जाने की बात कही है। पिछले दो दिनों से अलग-अलग स्थानों पर शव दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने नाव के जरिए नदी में जाकर इसका वीडियो भी बनाया और जिला प्रशासन को भेजा है।
ग्रामीणों का दावा है कि ये शव इंसानों के हैं और कुछ शव 8 से 10 दिन पुराने प्रतीत हो रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये शव नेपाल में आई किसी आपदा के दौरान नदी में बहकर गंडक के रास्ते गोपालगंज तक पहुंचे होंगे। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। शवों की बरामदगी और गहन जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
ग्रामीणों के वीडियो से खुली प्रशासन की आंखें
खाप मकसूदपुर के ग्रामीणों ने जब गंडक नदी में शव देखे तो उन्होंने फौरन स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो दिनों से नदी में शव दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने नाव से नदी में जाकर वीडियो बनाया और उसे अधिकारियों तक पहुंचाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी में तैर रहे शवों की जल्द तलाश और बरामदगी की मांग की है।
सूचना मिलते ही सदर अंचल के सीओ रजत वर्णवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाव से नदी के दूसरे किनारे तक जाकर हालात का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और NDRF को भी तुरंत अलर्ट किया गया है।
NDRF और आपदा प्रबंधन विभाग ने संभाला मोर्चा
प्रशासन ने नदी में संभावित शवों की तलाश और बरामदगी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। इस टीम में NDRF, आपदा प्रबंधन विभाग, अंचल प्रशासन और स्थानीय थाना के सदस्य शामिल हैं। यह टीम गंडक नदी के विभिन्न हिस्सों में व्यापक तलाश अभियान चला रही है।
शवों के स्रोत को लेकर बड़ा सवाल बना हुआ है। ग्रामीणों की ओर से नेपाल में आई आपदा से इनके जुड़ने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन प्रशासन ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। प्रशासन की पहली प्राथमिकता शवों का पता लगाना और उन्हें बरामद करना है। बरामदगी के बाद शवों की स्थिति, पहचान और संभावित स्रोत की जांच की जाएगी। इसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि शव नेपाल से बहकर आए हैं या उनका कोई अन्य कारण है।
गंडक से गंगा तक पहुंचने की भी आशंका
गंडक नदी आगे चलकर सोनपुर के पास गंगा नदी में मिल जाती है। ऐसे में यदि शव नदी में हैं, तो उनके आगे बहकर गंगा तक पहुंचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस पहलू को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन नदी के अलग-अलग हिस्सों में लगातार निगरानी और तलाश अभियान चला रहा है। इससे पहले मंगलपुर पुल के पास भी तीन अलग-अलग शव नदी में बहते हुए देखे जाने का दावा सामने आया था, हालांकि तब भी कोई शव बरामद नहीं हो सका था।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और बिना पुष्टि के किसी भी वीडियो या सूचना को आगे प्रसारित न करें। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी को सीधे प्रशासन तक पहुंचाया जाए। शवों की बरामदगी और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
NDRF और आपदा प्रबंधन विभाग की टीम लगातार तलाशी अभियान में जुटी है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी इसमें पूरा सहयोग कर रही है। अधिकारियों की कोशिश है कि यदि नदी में शव मौजूद हैं, तो उन्हें जल्द से जल्द बरामद किया जाए, ताकि उनकी पहचान और आगे की जांच प्रक्रिया शुरू की जा सके। जब तक शव बरामद नहीं होते, तब तक उनकी संख्या, पहचान और वे कहां से आए हैं, इस बारे में निश्चित रूप से कुछ कहना संभव नहीं है।







