Bhagalpur Flood: गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से भागलपुर जिले के इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध क्षेत्र में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। तीन सितंबर से शुरू हुई जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला बदस्तूर जारी है। गंगा का पानी अब खतरे के निशान से 110 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है, जिससे तटबंधों पर भारी दबाव महसूस किया जा रहा है।
पांच सितंबर की सुबह छह बजे स्पर संख्या सात के पास गंगा का जलस्तर 32.70 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 31.60 मीटर है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, चार सितंबर की शाम छह बजे यह जलस्तर 32.55 मीटर था। अगले 12 घंटों के भीतर नदी के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई, जिसने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इस तेज वृद्धि के कारण नदी का पानी अब तटबंध के ‘टो’ को छूने लगा है। विशेष रूप से स्पर संख्या नौ पर नदी की तेज लहरों का सीधा दबाव बना हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत है।
गंगा का नया तांडव: राघोपुर में फिर कटाव का खतरा
एक ओर इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध पर खतरा मंडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर इस्माईलपुर-बिहपुर तटबंध के अंतर्गत आने वाले राघोपुर गांव में गंगा ने फिर से कटाव शुरू कर दिया है। पिछले चार दिनों से जारी भीषण कटाव के बाद करीब 100 वर्ष पुराना ऐतिहासिक चैती दुर्गा मंदिर पूरी तरह गंगा में समाहित हो गया था, जिसके बाद उस स्थल पर नदी शांत हुई थी। हालांकि, यह राहत अस्थायी साबित हुई है, क्योंकि गंगा ने अब जमींदारी बांध की तरफ एक नई जगह पर कटाव करना शुरू कर दिया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से युद्धस्तर पर फ्लड फाइटिंग कार्य शुरू करने की मांग की है। जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों और प्रशासन की टीम की रात-दिन की मेहनत के बाद प्रभावित स्थल पर ‘ऐज’ का काम पूरा कर लिया गया था, जिससे मुख्य आबादी की ओर बढ़ रहा कटाव रुक गया था। लेकिन, अब नई चुनौती सामने है। जानकारों का कहना है कि जैसे ही गंगा का जलस्तर घटना शुरू होगा, तटबंधों पर दबाव और अधिक बढ़ जाएगा। राघोपुर गांव को बचाने के लिए ब्रिटिश काल की पुरानी रेलवे लाइन, जो अब एक बांध का रूप ले चुकी है, सुरक्षा कवच का काम कर रही है। हालांकि, नदी की नई धाराओं ने इस बांध के निचले हिस्सों को काटना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि इस बांध को नुकसान पहुंचा, तो पूरा राघोपुर गांव और आसपास के इलाके जलमग्न हो जाएंगे। इसी वजह से ग्रामीण लगातार नई जगहों पर भी फ्लड फाइटिंग और बोल्डर क्रेटिंग की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन की पैनी नजर, रात-दिन मॉनिटरिंग जारी
जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि और कटाव के खतरे को देखते हुए पूरे प्रभावित क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जल संसाधन विभाग ने फिलहाल तटबंध को पूरी तरह सुरक्षित बताया है, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निगरानी का स्तर काफी बढ़ा दिया गया है। विभागीय कर्मी दिन-रात तटबंध और स्परों की स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं।
सहायक अभियंता ई. नयन भारद्वाज ने बताया कि तटबंध की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। विभाग की विशेष टीम जलस्तर के उतार-चढ़ाव और तटबंध की सुरक्षात्मक स्थिति पर पल-पल की रिपोर्ट ले रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर ड्रोन कैमरों के जरिए नजर रखी जा रही है। कटावरोधी कार्य में खगड़िया, पूर्णिया, कटिहार और गोपालपुर जैसे पड़ोसी जिलों के सैकड़ों युवा और ट्रैक्टर लगातार जियो बैग व बोल्डर पहुंचाने में जुटे हैं। जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है और जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों व सामुदायिक रसोइयों की व्यवस्था भी सक्रिय कर दी है।








