Darbhanga Teacher Suspension: दरभंगा में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जाले प्रखंड के ब्रह्मपुर स्थित प्लस टू ठाकुर बिंदेश्वर शर्मा उच्च विद्यालय के विशिष्ट शिक्षक संजय कुमार दीपक को निलंबित कर दिया है। विभागीय निर्देशों का लगातार उल्लंघन और प्रभार नहीं सौंपने के आरोप में यह सख्त कदम उठाया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) विद्यानंद ठाकुर ने 3 सितंबर को यह आदेश जारी किया, जिसमें बिहार विशिष्ट शिक्षक संशोधन नियमावली-2024 के प्रावधानों का हवाला दिया गया है।
शिक्षक संजय कुमार दीपक पर आरोप है कि उन्हें विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन उन्होंने विभागीय निर्देशों का पालन नहीं किया। 27 जुलाई को जब विद्यालय के क्रियाकलापों की समीक्षा की गई, तब भी उनसे संबंधित कई महत्वपूर्ण अभिलेखों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इस गंभीर लापरवाही के बाद जिला शिक्षा कार्यालय ने 12 अगस्त को दोबारा निर्देश जारी किया। इस निर्देश में संजय कुमार दीपक को विद्यालय का संपूर्ण प्रभार वर्तमान प्रभारी प्रधानाध्यापक को सौंपने और सभी वांछित अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया था। हालांकि, इन स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भी उनका अनुपालन नहीं किया गया।
निलंबन अवधि में मुख्यालय और जांच समिति का गठन
शिक्षक संजय कुमार दीपक को निलंबन अवधि के दौरान अपना मुख्यालय तारडीह के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) कार्यालय में रखना होगा। निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
इस मामले की गहन जांच के लिए शिक्षा विभाग ने एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा को इस जांच के लिए उपस्थापन पदाधिकारी बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, संचालन को समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है। यह समिति शिक्षक पर लगे आरोपों की विस्तार से जांच करेगी।
जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर के आदेशानुसार, ‘विभागीय निर्देशों का अनुपालन नहीं करने और प्रभार व अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने के आरोप में बिहार विशिष्ट शिक्षक संशोधन नियमावली-2024 के तहत यह कार्रवाई की गई है।’
यह कार्रवाई शिक्षा विभाग में प्रशासनिक अनुशासन सुनिश्चित करने और नियमों का पालन न करने वाले शिक्षकों पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे अन्य शिक्षकों को भी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति अधिक गंभीर रहने का संदेश मिलेगा।







