Patna Flood: राजधानी पटना से सटे दानापुर में गंगा नदी ने अपना अत्यंत भयावह रूप धारण कर लिया है. शनिवार को गंगा का जलस्तर खतरे के लाल निशान से पूरे पांच फीट ऊपर दर्ज किया गया, जिसने वर्ष 2016 की विनाशकारी बाढ़ के जलस्तर का पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है. बाढ़ नियंत्रण केंद्र के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शनिवार शाम देवना नाला पर गंगा का जलस्तर 172.10 फीट रिकॉर्ड किया गया, जिससे तटीय और दियारा इलाके के लोगों में दहशत फैल गई है.
दियारा की सात पंचायतें जलमग्न, सेना छावनी तक पहुंचा पानी
गंगा के बेकाबू उफान ने दानापुर दियारा क्षेत्र की सभी सात पंचायतों को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है. दियारा के सबसे ऊंचे माने जाने वाले पतलापुर समेत सैकड़ों गांवों के घरों में चार से पांच फीट तक बाढ़ का पानी घुस चुका है. स्थिति इतनी विकट हो गई है कि नीलगाय, मवेशी और अन्य बेजुबान जानवर बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं. बुधवार से पूरे दियारा इलाके की बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे ग्रामीण अंधेरे में रतजगा करने को मजबूर हैं. इसके अलावा, अंधेरे में जंगली सुअरों के आतंक ने बाढ़ पीड़ितों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं.
गंगा का दबाव इतना अधिक है कि नगर परिषद और छावनी क्षेत्र के नालों से बैकवाटर का तेज रिसाव शुरू हो गया है. सैन्य क्षेत्र के कई हिस्सों में पानी घुस चुका है:
- सैन्य इलाके: सेना के बीआरसी (BRC) क्षेत्र, सिग्नल कोर, कोणार्क एन्क्लेव, वैशाली एन्क्लेव और पोस्ट ऑफिस मैदान में नाले का पानी प्रवेश कर चुका है.
- सेना सप्लाई डिपो: डिपो से सटे बांध किनारे बसे दर्जनों घरों में शुक्रवार की रात से ही पानी भरने लगा है.
- शहरी क्षेत्र: पेठिया बाजार में शिव मंदिर के पास और कागजी मोहल्ले में भी नाले के रिसाव से गलियों में पानी फैल गया है.
जल संसाधन विभाग की टीमें नाले के मुहाने और लीकेज वाले स्थानों पर बालू भरी बोरियां (सैंड बैग्स) डालकर बैकवाटर रोकने में युद्धस्तर पर जुटी हैं.
नावों की कमी से पलायन तेज, राहत शिविर में व्यवस्था
दियारा के पूर्व जिला पार्षद सदस्य ओम प्रकाश यादव (विशुनपुर निवासी) और मानस के सरपंच राज कुमार प्रसाद ने बताया कि जलस्तर 2016 की बाढ़ से भी कहीं अधिक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा प्रति पंचायत मात्र तीन-तीन नावें चलाई जा रही हैं, जबकि एक-एक पंचायत में आधा दर्जन से अधिक गांव जलमग्न हैं. सरकारी नावों की घोर कमी के चलते लोग मनमाना भाड़ा देकर निजी नावों के सहारे दानापुर शहर की ओर पलायन कर रहे हैं.
बाढ़ पीड़ितों के लिए दानापुर के बलदेव हाई स्कूल में बाढ़ राहत शिविर सह सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) शुरू की गई है, जहां पलायन कर पहुंचे परिवारों और बच्चों को भोजन व अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है.
“दानापुर दियारा में बाढ़ की स्थिति अत्यंत भयावह हो चुकी है. मैंने जिला प्रशासन से तत्काल सरकारी नावों की संख्या बढ़ाने की मांग की है, ताकि फंसे हुए लोगों और मवेशियों को सुरक्षित निकाला जा सके. बलदेव स्कूल स्थित राहत शिविर में शरण लिए पीड़ितों को समुचित भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.”
— रामकृपाल यादव, स्थानीय विधायक सह पूर्व केंद्रीय मंत्री
इंजीनियरों के मुताबिक, हालांकि प्रयागराज, वाराणसी और बक्सर में गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है, लेकिन सोन नदी में इंद्रपुरी बराज से हो रहे डिस्चार्ज के कारण दानापुर में अगले 24 से 48 घंटे बेहद संवेदनशील बने रहेंगे. प्रशासन को इन चुनौतियों से निपटने के लिए अतिरिक्त उपाय करने होंगे, ताकि जानमाल के नुकसान को कम किया जा सके और प्रभावितों को जल्द से जल्द राहत मिल सके.








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