Patna Medical Negligence: बिहार की राजधानी पटना से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। दानापुर थाना क्षेत्र के आरपीएस मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार को प्रसव के दौरान एक महिला और उसके गर्भ में पल रहे दो नवजात बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। परिजनों ने सीधे तौर पर अस्पताल के चिकित्सक पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है।
मामले की सूचना मिलते ही एसडीपीओ अजीत कुमार और थानाध्यक्ष पीके भारद्वाज समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने किसी तरह परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और गहन जांच-पड़ताल की।
चिकित्सीय लापरवाही से गई तीन जानें?
मृतका की पहचान राजीव नगर निवासी बिट्टू सिंह की 25 वर्षीय पत्नी अनु सिंह के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि अनु सिंह का पिछले करीब आठ महीने से इसी निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। शनिवार को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का दावा है कि भर्ती कराने के बाद चिकित्सकीय प्रक्रिया के दौरान अनु को बेहोशी की दवा की अधिक मात्रा दे दी गई, जिसके बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी।
परिजनों ने आरोप लगाया, ‘अनु के गर्भ में दो बच्चे थे और इलाज के दौरान ही दोनों की मौत हो गई। बच्चों की मौत की जानकारी होने के बावजूद चिकित्सक ने अनु को दूसरे बड़े अस्पताल के लिए रेफर नहीं किया, जिससे उनकी भी जान चली गई।’
अस्पताल में हंगामा, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज
महिला और दोनों बच्चों की मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया और इलाज में Patna Medical Negligence का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिजनों के हंगामे के बाद अस्पताल के चिकित्सक और कई कर्मी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस जांच और एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार
एसडीपीओ अजीत कुमार ने मीडिया को बताया कि निजी अस्पताल में एक महिला और उसके दो नवजात बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गहन छानबीन कर रही है और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। एसडीपीओ ने यह भी बताया कि मृतका के परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस जांच और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।







