Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर इसी साल 16 नवंबर को मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। चुनाव आयोग इन सीटों पर जल्द ही मतदान की तारीखों का ऐलान कर सकता है। इस बीच, पटना स्नातक सीट को लेकर सियासी गहमागहमी तेज हो गई है, जिसमें मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने एक बड़ा बयान दिया है। अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मुख्य प्रवक्ता और मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार का खुलकर विरोध करते हुए एक अन्य उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की है।
नीतीश कुमार को अपना राजनीतिक अभिभावक मानने वाले मोकामा विधायक अनंत सिंह ने साफ किया है कि वे पटना स्नातक सीट से अनुज कुमार का समर्थन करेंगे। उनके इस ऐलान ने आगामी विधान परिषद चुनाव से पहले बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

अनंत सिंह का ‘विद्रोही’ बयान: बाढ़ से कैसे जुड़ा सियासी धमाका?
अनंत सिंह ने यह विस्फोटक बयान बाढ़ के बेढना गांव में दिया, जहां वे जहरीली शराब से जान गंवाने वाले चार लोगों के पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि पटना स्नातक सीट के अंतर्गत आने वाली सभी 26 विधानसभाओं के लोग उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे अनुज कुमार की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह काम करेंगे। जब उनसे अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार का समर्थन न करने का कारण पूछा गया, तो अनंत सिंह ने कड़ा जवाब दिया कि जो उनके साथ खड़ा नहीं रहता, वे भी उसका साथ नहीं देंगे। नीरज कुमार इस सीट से लगातार तीन बार जीत चुके हैं और राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
नीरज कुमार और अनंत सिंह की पुरानी रंजिश: क्यों है यह टक्कर?
नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच यह खींचतान कोई नई बात नहीं है। दोनों ही नेता मोकामा क्षेत्र से आते हैं और उनके बीच पुरानी अदावत रही है। 2015 के विधानसभा चुनाव में भी दोनों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली थी। उस समय जेडीयू और आरजेडी के गठबंधन ने नीरज कुमार को मोकामा से उम्मीदवार बनाया था। लेकिन, अनंत सिंह ने पार्टी छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ा और नीरज कुमार को 18 हजार से भी अधिक वोटों के भारी अंतर से मात दी थी। इसके बाद जब अनंत सिंह ने जेल से मोकामा सीट पर अपनी दावेदारी पेश की थी, तब भी नीरज कुमार ने उनके खिलाफ खुलकर विरोध जताया था। इसी पुरानी रंजिश के चलते दोनों नेताओं के रिश्ते हमेशा तनावपूर्ण रहे हैं।
कौन हैं अनुज कुमार, जिनके लिए अनंत सिंह ने मोड़ा पाला?
जिस अनुज कुमार के समर्थन में अनंत सिंह अपनी पार्टी लाइन से अलग हट रहे हैं, वे जन सुराज पार्टी से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 2025 का विधानसभा चुनाव नवादा सीट से लड़ा था। डॉ. अनुज कुमार पेशे से एक शिक्षाविद हैं और एक निजी स्कूल का संचालन करते हैं। वे उच्च शिक्षित हैं और उन्होंने भूगोल विषय में पीएचडी की उपाधि भी हासिल की है। अनुज कुमार एक समृद्ध पृष्ठभूमि से आते हैं और उनके पास लाइसेंसधारी हथियार भी हैं। अब अनंत सिंह का साथ मिलने से इस पटना स्नातक सीट पर अनुज कुमार का पलड़ा भारी माना जा रहा है।
इन 8 सीटों पर होगा बिहार विधान परिषद का चुनाव
बिहार विधान परिषद की जिन आठ सीटों के सदस्यों का कार्यकाल इसी साल 16 नवंबर को पूरा हो रहा है, उनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें शामिल हैं। चुनाव आयोग इस महीने के आखिर तक इन सीटों पर मतदान का पूरा शेड्यूल जारी कर सकता है।
| श्रेणी | सीटें |
|---|---|
| स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | पटना, तिरहुत, दरभंगा, कोसी |
| शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | पटना, सारण, तिरहुत, दरभंगा |
इन सीटों पर होने वाले चुनाव में अनंत सिंह का यह ‘विद्रोही’ कदम बिहार की राजनीति में एक नया समीकरण पैदा कर सकता है, खासकर पटना स्नातक सीट पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।







