Bihar Vehicle Registration: बिहार में वाहन पंजीकरण की प्रक्रिया अब और भी आसान हो गई है। परिवहन विभाग ने नए वाहन मॉडलों के पंजीकरण के लिए निर्माताओं को मुख्यालय से ‘एकीकृत पंजीकरण अनुमोदन’ प्राप्त करने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिससे वाहन निर्माताओं और डीलरों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी।
केंद्रीय टाइप अप्रूवल ही होगा पर्याप्त
नए आदेश के अनुसार, वाहन निर्माताओं को अब नए मॉडल के पंजीकरण के लिए परिवहन विभाग मुख्यालय से अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नए वाहन मॉडलों के लिए टाइप अप्रूवल सर्टिफिकेट केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत अधिकृत केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जारी किए जाते हैं। अब इन्हीं सर्टिफिकेट के आधार पर आगे की पंजीकरण कार्यवाही की जा सकेगी। निर्माताओं को केवल अधिकृत केंद्रीय एजेंसी द्वारा जारी टाइप अप्रूवल सर्टिफिकेट के साथ फॉर्म-22 जमा करना होगा।

जिला परिवहन अधिकारी करेंगे पंजीकरण
आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने के बाद, जिला परिवहन अधिकारी (DTO) लागू नियमों के अनुसार ट्रेड सर्टिफिकेट जारी करेंगे और वाहनों का पंजीकरण करेंगे। विभाग ने बताया कि इस चरण में भी मुख्यालय से किसी अलग अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी। यह कदम प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत करेगा और स्थानीय स्तर पर ही अधिकांश कार्य पूरे हो सकेंगे।
सड़क परिवहन मंत्रालय के निर्देश पर फैसला
परिवहन विभाग ने जानकारी दी कि यह निर्णय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा 24 नवंबर, 2020 को जारी एक पत्र में उल्लिखित प्रावधानों के अनुरूप लिया गया है। इस नवीनतम आदेश से विभाग द्वारा पहले जारी किए गए किसी भी संबंधित पत्र या आदेश में आवश्यक संशोधन किए गए हैं, ताकि वे नई प्रक्रिया के अनुरूप हो सकें। इस बदलाव से राज्य में वाहन पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और गतिशीलता आएगी।







