केंद्रीय कैबिनेट फेरबदल: भारतीय जनता पार्टी (BJP) में अंदरूनी कलह तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया है कि केंद्रीय कैबिनेट में खुलेआम बगावत चल रही है, जिसके चलते बहुप्रतीक्षित केंद्रीय कैबिनेट फेरबदल नहीं हो पा रहा है। सौरव दास के अनुसार, कम से कम 7 मंत्रियों ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है।
शनिवार को एक्स (पहले ट्विटर) पर किए गए एक पोस्ट में CJP प्रवक्ता ने केंद्रीय कैबिनेट में चल रही खींचतान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई भाजपा नेता केंद्रीय जांच एजेंसियों जैसे CBI, ED और इनकम टैक्स के डर से पार्टी नहीं छोड़ पा रहे हैं, जबकि वे गंभीर रूप से नाराज हैं। दास ने अपने ‘उच्च स्तरीय दोस्तों’ के हवाले से बताया कि अब केंद्रीय कैबिनेट में भी बगावत खुलकर सामने आ गई है।
7 मंत्रियों का इस्तीफा देने से इनकार, दलबदलुओं को जगह देने का आरोप
सौरव दास ने अपने पोस्ट में लिखा कि ऐसा लगता है कि कुल 7 मंत्रियों ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। इन मंत्रियों का तर्क है कि उनका रिकॉर्ड बेदाग है, फिर भी उन्हें इस्तीफा देने को कहा जा रहा है, ताकि दलबदलुओं को जगह मिल सके। दास के मुताबिक, यही वजह है कि लंबे समय से इंतजार किया जा रहा कैबिनेट फेरबदल अब तक नहीं हो पाया है।
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर लिखा, ‘हमने पहले भी कहा है कि बीजेपी में अहम भूमिका रखने वाले कई नेता गंभीर रूप से नाराज हैं और वे ED, CBI और इनकम टैक्स के डर से पार्टी नहीं छोड़ पा रहे हैं। पार्टी में हमारे उच्च स्तरीय दोस्त बता रहे हैं कि अब केंद्रीय कैबिनेट में भी खुलेआम बगावत हो गई है। ऐसा लगता है कि कुल 7 मंत्रियों ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि उनका बेदाग रिकॉर्ड है फिर भी उन्हें इस्तीफा देने को कहा जा रहा है ताकि दलबदलुओं को जगह दी जा सके। यही वजह है कि बहुप्रतीक्षित कैबिनेट रीशफल नहीं हो पा रहा है। फिर वे हमसे पूछते हैं कि जंतर-मंतर के प्रदर्शन ने क्या हासिल किया है।’
CJP के दबाव में झुक रही केंद्र सरकार?
सौरव दास हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस लेने के मामले की सुनवाई के दौरान पेश हुए थे। इसके बाद CJP ने 5 सितंबर को होने वाला प्रदर्शन रद्द करने का ऐलान किया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार ने उनसे संपर्क कर जानकारी दी थी कि वह मुकदमे वापस लेने और NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले बच्चों के परिवारों को मुआवजा देने के लिए तैयार है।
CJP के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। इसके अलावा, स्वतंत्र भारद्वाज के मामले में भी CJP के प्रदर्शन के बाद FIR दर्ज हुई और स्वतंत्र को गिरफ्तार किया गया। CJP का दावा है कि उनके दबाव के आगे केंद्र सरकार कई अन्य मामलों में भी नरम पड़ती दिख रही है, जो उनके जन आंदोलनों की सफलता को दर्शाता है।







