Darbhanga EOU Raid: प्रभास रंजन दरभंगा। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) आनंद कुमार विभूति के ठिकानों पर छापेमारी की है। मंगलवार सुबह 8 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि BDO आनंद कुमार विभूति छापेमारी की सूचना मिलते ही फरार हो गए। उनके किराए के आवासीय मकान में केवल उनकी पत्नी मिलीं, जबकि EOU की आठ सदस्यीय टीम तलाशी अभियान चला रही है।
छापेमारी की खबर मिलते ही BDO हो गए गायब
मिली जानकारी के अनुसार, प्रखंड विकास पदाधिकारी आनंद कुमार विभूति मंगलवार की सुबह घर का कुछ सामान लाने के लिए निकले थे। इसी दौरान उन्हें अपने आवास पर आर्थिक अपराध इकाई की छापेमारी शुरू होने की भनक लग गई।
खबर मिलते ही आनंद कुमार विभूति मौके से फरार हो गए और अब तक अपने घर नहीं लौटे हैं। बहादुरपुर थाना की पुलिस को उनके किराए के मकान के बाहर तैनात किया गया है, जिसने किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी है।
मुजफ्फरपुर समेत चार ठिकानों पर EOU की कार्रवाई
आर्थिक अपराध इकाई की टीम केवल बहादुरपुर स्थित BDO के किराए के मकान पर ही नहीं, बल्कि उनके प्रखंड कार्यालय और मुजफ्फरपुर सहित कुल चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर रही है। आनंद कुमार विभूति मूल रूप से मुजफ्फरपुर के ही रहने वाले हैं। दरभंगा में दो डीएसपी समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी इस छापेमारी अभियान में शामिल हैं। EOU की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर की जा रही है, हालांकि अभी तक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
करोड़ों की काली कमाई का पर्दाफाश? दो जिलों में EOU की ताबड़तोड़ छापेमारी
EOU की टीम मंगलवार सुबह सात बजे मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित बैरिया आदर्श ग्राम रोड नंबर एक पर बीडीओ के निजी आवास पर पहुंची। स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर टीम ने यहां सघन तलाशी अभियान शुरू किया। इसके साथ ही, जांच एजेंसी ने दरभंगा के सैदनगर स्थित जमकपुरी इलाके में बीडीओ के किराए के मकान पर भी एक साथ दबिश दी। दोनों जिलों में हुई इस व्यापक घेराबंदी ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है।
कांटी प्रखंड में भी लगे थे गंभीर आरोप
डॉ. आनंद कुमार विभूति पहले मुजफ्फरपुर के कांटी प्रखंड में भी बीडीओ के पद पर तैनात रह चुके हैं। कांटी में अपने कार्यकाल के दौरान भी वह कई विवादों से घिरे रहे थे। उस समय उन पर कई विकास योजनाओं में वित्तीय गड़बड़ियों और अनियमितताओं के इनपुट मिले थे। आर्थिक अपराध इकाई की टीम अब इन पुराने मामलों और इनपुट्स को आधार बनाकर मुजफ्फरपुर से जुड़े संपत्ति के सभी तारों को खंगाल रही है।
काली कमाई के दस्तावेज खंगाल रही टीम
EOU के अधिकारी वर्तमान में बीडीओ के बंद कमरों और पूरे परिसर की सघन तलाशी ले रहे हैं। टीम को घर से जमीन-जायदाद के कागजात, बैंक पासबुक और निवेश से जुड़े कई दस्तावेज मिले हैं, जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है। इसके साथ ही, पड़ोसियों से भी बीडीओ और उनके परिवार से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। मुजफ्फरपुर पुलिस की तकनीकी सहायता से फरार बीडीओ और उनकी पत्नी की लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही कुल काली कमाई का खुलासा किया जाएगा।
यह कार्रवाई बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का एक स्पष्ट संकेत है। जांच पूरी होने के बाद ही बीडीओ और उनकी पत्नी की काली कमाई का पूरा ब्यौरा सामने आ पाएगा।
इस छापेमारी के बाद से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। आर्थिक अपराध इकाई की टीम BDO की तलाश में जुटी है और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। यह देखना अहम होगा कि आगे इस मामले में क्या खुलासे होते हैं और फरार BDO कब तक गिरफ्त में आते हैं।







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