Darbhanga Murder Case: बिहार के दरभंगा में एक निर्मम हत्या के मामले में न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने सोमवार को मनीगाछी थाना क्षेत्र में हुई केशव कुमार चौधरी की हत्या के मामले में सात अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। इस फैसले से पीड़ित परिवार को तीन साल बाद न्याय मिलने की उम्मीद बंधी है। अदालत अब दोषियों की सजा पर 9 सितंबर को सुनवाई करेगी और निर्णय सुनाएगी।
कैसे हुई थी मनीगाछी में केशव की निर्मम हत्या?
यह घटना 18 जुलाई 2021 की शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच मनीगाछी थाना के चनौर गांव में हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, गांव के ही राम यादव, विजय यादव, लाल कुमार यादव, अनिल यादव, मटकून यादव, पप्पू यादव और सुनील यादव ने मिलकर केशव कुमार चौधरी के घर में घुसकर उन पर जानलेवा हमला किया। अभियुक्तों ने केशव के साथ मारपीट की और फिर गला दबाकर उनकी निर्मम हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
मृतक की मां मुन्नी चौधरी ने मनीगाछी थाना में इस मामले की प्राथमिकी (थानाकांड सं. 162/21) दर्ज कराई थी। इस प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और अभियुक्तों के खिलाफ सत्रवाद सं. 346/21 के तहत मामला दर्ज किया गया।
9 सितंबर को होगा सजा का ऐलान, क्या मिलेगी फांसी?
दरभंगा कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक (पीपी) अमरेंद्र नारायण झा और सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) रेणू झा ने अभियोजन पक्ष का सफलतापूर्वक संचालन किया। उन्होंने अदालत के समक्ष सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर न्यायाधीश नीरज कुमार ने सभी सातों अभियुक्तों को केशव चौधरी की हत्या का दोषी पाया।
अब सबकी निगाहें 9 सितंबर की तारीख पर टिकी हैं, जब अदालत दोषियों की सजा की अवधि निर्धारित करेगी। इस मामले में अधिकतम सजा फांसी या उम्रकैद हो सकती है, जो कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा। पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि दोषियों को उनके अपराध के लिए कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी, ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को रोका जा सके।







