Bihar Flood: बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है, जहां 13 जिलों के 34 लाख से अधिक लोग इसकी चपेट में हैं। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने और कई स्थानों पर रिकॉर्ड तोड़ने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, राज्य के 79 प्रखंडों की 480 ग्राम पंचायतें इस प्राकृतिक आपदा से बुरी तरह प्रभावित हैं।
गंगा-पुनपुन के रौद्र रूप की तस्वीर सामने आई. दीदारगंज में एक ट्रैक्टर यार्ड में पानी भरा, जिससे हजारों नए ट्रैक्टर पानी में डूबे. यार्ड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
गंगा ने तोड़ा रिकॉर्ड, कई नदियां उफान पर
गंगा नदी ने भागलपुर के सुल्तानगंज में अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 8 सितंबर की सुबह यहां गंगा का जलस्तर 36.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका पिछला सर्वोच्च स्तर 36.75 मीटर था। हालांकि, फिलहाल जलस्तर स्थिर बताया जा रहा है, लेकिन खतरा बना हुआ है। पटना के दीघा और गांधीघाट, हाथीदह और मुंगेर में भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे नदी किनारे बसे इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
गंगा के अलावा, गंडक और कोसी नदियां भी कई स्थानों पर उफान पर हैं। बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा जैसी अन्य नदियां भी चिंता का विषय बनी हुई हैं, जिनके बढ़े हुए जलस्तर का असर गांवों और आवागमन पर स्पष्ट दिख रहा है। बाढ़ प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया और अरवल शामिल हैं।
राहत और बचाव कार्य तेज
बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए राज्य सरकार ने राहत व्यवस्था का विस्तार किया है। वर्तमान में राज्यभर में 432 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से अब तक 9.41 लाख से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 14 राहत शिविरों में 12,294 लोगों के रहने, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने का काम भी जारी है। अब तक 1.29 लाख पॉलीथीन शीट और 22,900 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए गए हैं। बाढ़ से प्रभावित पशुओं के लिए भी 3,142 क्विंटल पशुचारा उपलब्ध कराया गया है। जलजमाव वाले क्षेत्रों में आवागमन के लिए 1,832 नावें तैनात की गई हैं। आपातकालीन बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ की 27 टीमें और एनडीआरएफ की 10 टीमें विभिन्न जिलों में सक्रिय हैं, जिन्हें जरूरत के अनुसार प्रभावित इलाकों में भेजा जा रहा है।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बिहार के 13 जिलों में लगभग 34.31 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जिसमें 79 प्रखंडों की 480 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी का जलस्तर अपने पिछले सर्वोच्च रिकॉर्ड 36.75 मीटर को पार करते हुए 36.80 मीटर पर पहुंच गया है, जो चिंता का प्रमुख कारण है।
अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, बढ़ सकती है चुनौती
नदियों में पानी के बहाव पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। 8 सितंबर को सुबह 10 बजे गंडक बराज से 1,04,400 क्यूसेक, कोसी बराज से 1,69,985 क्यूसेक और इन्द्रपुरी बराज से 1,04,758 क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया। मौसम सेवा केंद्र ने आगामी दो दिनों के लिए राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। यह चेतावनी नदियों के जलस्तर में और वृद्धि कर सकती है, जिससे बाढ़ की स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन और बचाव दल किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।








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