Bihar Sahyog Program: मुख्यमंत्री बिहार के सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित राज्यस्तरीय सहयोग कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए 137 आवेदकों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को इन शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जोर देकर कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे शिकायतों का तुरंत और निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करें, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
अधिकारियों को मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
सहयोग कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि जिन आवेदकों की समस्याओं का पहले ही समाधान हो चुका है, उन्हें पटना आने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने उन लोगों को सलाह दी, जिनकी जटिल शिकायतें जिला स्तर पर अनसुलझी रह गई हैं, वे राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में आकर अपनी बात रखें, ताकि उन पर आगे की कार्रवाई की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों के समय पर समाधान से सरकार में जनता का विश्वास बढ़ा है, और अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वे इस विश्वास को कायम रखें।
जटिल मामलों के लिए पटना में समाधान
इस कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार, शिक्षा, गृह, ग्रामीण कार्य, स्वास्थ्य, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, तथा समाज कल्याण सहित कई विभागों से संबंधित शिकायतें उठाई गईं। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इन शिकायतों का निर्धारित समय के भीतर समाधान सुनिश्चित करें। कार्यक्रम में राज्य भर के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
30 दिनों में शिकायत निवारण का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि पात्र आवेदकों को वृद्धावस्था पेंशन और राशन कार्ड बिना किसी अनावश्यक देरी के उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि तकनीकी कारणों से पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ काम करने का आग्रह किया। अधिकारियों को सहयोग शिविरों के माध्यम से 30 दिनों के भीतर जन शिकायतों का समाधान करने का लक्ष्य रखने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि आवेदनों के निपटान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को शिकायतों की सावधानीपूर्वक जांच करने और निष्पक्ष व त्वरित निर्णय लेने का निर्देश दिया गया। जिन आवेदकों की शिकायतें कार्यक्रम के दौरान हल हो गईं, उन्होंने इस प्रक्रिया के प्रति अपनी संतुष्टि व्यक्त की। सरकार का लक्ष्य केवल शिकायतों को बंद करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि लोग दिए गए समाधान से संतुष्ट हों।








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