Darbhanga Sugar Mill: बिहार के दरभंगा जिले में किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केवटी स्थित रैयाम चीनी मिल परिसर में गन्ना उत्पादक किसानों को उन्नत खेती का प्रशिक्षण दिया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी कौशल कुमार ने किया। इस दौरान उन्होंने मिल के संयुक्त कार्यालय संचालन के लिए गन्ना उद्योग विभाग और मिल प्रतिनिधियों को भवन की चाबी भी हस्तांतरित की, जिससे मिल से जुड़ी गतिविधियों को गति मिलेगी।
बुधवार, 09 सितंबर, 2026 को आयोजित इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 350 किसानों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम राज्य योजना के तहत गन्ना प्रौद्योगिकी विस्तार कार्यक्रम 2026-27 का हिस्सा था। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने किसानों से गन्ना की खेती में गहरी रुचि लेने और इसमें सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि मिल के लिए यातायात सुविधाओं को बेहतर बनाने हेतु सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, चीनी मिल के अलावा अन्य प्लांट भी लगाए जाएंगे, जिसके लिए आवश्यकतानुसार भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

कृषि विज्ञान केंद्र, जाले के वरीय वैज्ञानिक आशुतोष राणा और ई निधी कुमारी ने किसानों को गन्ना की उन्नत खेती, बीज उपचार, सिंचाई, खाद एवं उर्वरक प्रबंधन तथा कीट-रोग नियंत्रण के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सहायक निदेशक ईख विकास अजीत कुमार प्रसाद ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से गन्ना क्षेत्र विस्तार एवं यंत्रीकरण योजना का लाभ उठाने के लिए अधिक से अधिक आवेदन करने और गन्ना पंजीकरण कराने का आग्रह किया। इंडियन पोटास लिमिटेड के केन हेड ने रैयाम में दरभंगा शुगर मिल की स्थापना से जुड़ी तैयारियों से किसानों को अवगत कराया। जिलाधिकारी कौशल कुमार और दरभंगा ग्रामीण विधानसभा के विधायक ईश्वरचंद मंडल ने संयुक्त रूप से निरीक्षण भवन की चाबी सौंपकर मिल संचालन से जुड़ी गतिविधियों को गति देने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। इस अवसर पर प्रशिक्षु आईएएस कल्पना रावत, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार, ईख पदाधिकारी पुष्कर राज सहित कई अन्य अधिकारी और पैक्स अध्यक्ष मौजूद रहे।
केवटी से अन्य महत्वपूर्ण खबरें: एसपी का औचक निरीक्षण और स्वास्थ्य शिविर
केवटी प्रखंड से अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की भी जानकारी मिली है। बीते मंगलवार की देर रात दरभंगा की ग्रामीण पुलिस अधीक्षक साक्षी कुमारी ने केवटी और रैयाम थाने का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने थानों की रात्रि गश्ती व्यवस्था, रात्रि ओडी की जांच और हाजत की सुरक्षा समेत अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और रात्रि गश्ती को प्रभावी बनाने तथा क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, केवटी में गर्भवती महिलाओं की विशेष स्वास्थ्य जांच की गई। इस शिविर में कुल 171 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच हुई, जिनमें से 23 महिलाएं हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की श्रेणी में चिन्हित की गईं। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निर्मल कुमार लाल की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने गर्भवती महिलाओं की जांच कर चिकित्सकीय परामर्श दिया। स्वास्थ्य प्रबंधक दिनेश आनंद ने कार्यक्रम की निगरानी की। जांच के दौरान ब्लड प्रेशर, वजन समेत आवश्यक जांचें, पैथोलॉजिकल जांचें और दवाओं का वितरण किया गया। डॉ. इकबालुर राशिद और डॉ. अंजनी कुमारी ने जांच कार्य किया, जबकि पल्लवी कुमारी और कुन्दन कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने दवा वितरण में सहयोग किया। परामर्शी राज नारायण मिश्रा ने तकनीकी सहायता प्रदान की। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच और उच्च स्वास्थ्य संस्थान में उपचार की सलाह दी गई। चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि पीएमएसएमए का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच उपलब्ध कराकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है।
महंगाई, भ्रष्टाचार और भूमि अधिकारों पर सीपीआई(एम) का जन-प्रदर्शन
केवटी प्रखंड में महंगाई, जल-बिजली संकट, भ्रष्टाचार और भूमि अधिकार जैसे जनहित के मुद्दों पर सीपीआई(एम) और किसान सभा ने प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय पर जन-प्रदर्शन किया। बुधवार को दड़िमा चौक से झंडा-बैनर के साथ जुलूस निकाला गया, जिसमें किसान-मजदूरों ने नारेबाजी करते हुए प्रखंड एवं अंचल कार्यालय तक मार्च किया।
उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित थीं:
- महंगाई पर रोक लगाई जाए।
- जल और बिजली संकट दूर किया जाए।
- केवटी प्रखंड को सुखाड़ क्षेत्र घोषित किया जाए।
- सभी भूमिहीनों को 5 डिसमिल बासगीत जमीन और काबिज जमीन का पर्चा दिया जाए।
- बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बेदखली पर रोक लगे।
- परिमार्जन-दाखिल खारिज में व्याप्त भयंकर भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए।
सीपीआई(एम) के राज्य सचिव मंडल सदस्य कॉ. श्याम भारती ने सभा को संबोधित करते हुए मोदी सरकार पर महंगाई बढ़ाने, नफरत फैलाने और किसान-मजदूरों के कानूनों को समाप्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने मनरेगा योजना के अस्तित्व को समाप्त कर ‘जी राम जी’ के नाम पर नया कानून लाने और महात्मा गांधी की विरासत को समाप्त करने की बात कही। उन्होंने भ्रष्टाचार और बेरोजगारी बढ़ने तथा कृषि संकट गहराने पर चिंता व्यक्त की। श्याम भारती ने राज्य सरकार पर जमीन की समस्या का निदान न कर पाने का भी आरोप लगाया और 30 सितंबर को पोलो मैदान स्थित प्रेक्षागृह, लहेरियासराय में आयोजित राज्य स्तरीय भूमि अधिकार सम्मेलन को सफल बनाने की अपील की।
पार्टी के जिला सचिव अविनाश ठाकुर मंटू ने बिहार में डी. बंदोपाध्याय रिपोर्ट पर अमल न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि यह रिपोर्ट लागू होती तो भूमिहीन गरीबों को एक-एक एकड़ जोत की और 10 डिसमिल बासगीत जमीन मिलती, लेकिन सरकार ने इस कानून को ‘रद्दी की टोकरी में डाल दिया’। उन्होंने राशन कार्ड से गरीबों के नाम काटे जाने और भ्रष्टाचार बढ़ने पर भी जोर दिया, साथ ही पूरे दरभंगा जिला को सुखाड़ की चपेट में बताते हुए इसे सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने की मांग की। अंचल सचिव रामचंद्र साह ने कहा कि गरीबों को जमीन, मान-सम्मान, सामाजिक उत्पीड़न और बेदखली के खिलाफ पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने गांवों में पार्टी और किसान सभा का संगठन मजबूत करने का आह्वान किया। अंचलाधिकारी से हुई वार्ता के आधार पर उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो प्रखंड-अंचल कार्यालय पर अनिश्चितकालीन ‘घेरा डालो – डेरा डालो’ आंदोलन शुरू किया जाएगा। मधुबनी पार्टी के जिला सचिव मनोज यादव ने जल-नल योजना की विफलता, सरकारी स्टेट बोरिंग के चालू न होने और डीजल अनुदान को ‘छलावा’ बताया। सभा को दिलीप भगत, बाबूलाल महतो, मो शोएब, बिंदु यादव, मोहम्मद कलीम, मोहम्मद चांद, बिल्टू महतो, राजेंद्र राम, रामखेलावन साहनी, नाजिम हुसैन, मोहम मुराद और रूपा देवी ने भी संबोधित किया।








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