Bhojpur News: भोजपुर जिले में पुलिस फायरिंग में मारे गए भरत भूषण तिवारी के परिवार से मिलने रविवार को अचानक जिले के जिलाधिकारी (DM) मनेश कुमार मीणा और पुलिस अधीक्षक (SP) अवधेश दीक्षित उनके घर बिलौटी गांव पहुंचे। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी और मां आशा देवी से मुलाकात की। उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों से भी अलग-अलग बातचीत की।
अधिकारियों के अचानक गांव पहुंचने के कारण वहां ज्यादा भीड़ जमा नहीं हो सकी। हालांकि, गांव में सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। भरत भूषण तिवारी की मौत 17 जून 2026 को पुलिस की गोली लगने से हुई थी, जिसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस प्रकरण की न्यायिक आयोग द्वारा जांच चल रही है और इसमें एसटीएफ के जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। परिवार की ओर से लगातार इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।

भोजपुर पुलिस फायरिंग मामले में अधिकारियों की पहल
डीएम और एसपी ने सबसे पहले भरत तिवारी की मां आशा देवी से बातचीत की, जिसके बाद उन्होंने उनके पिता काशीनाथ तिवारी से भी बात की। दोनों अधिकारियों ने परिवार के अन्य सदस्यों से भी मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इस दौरान परिवार की समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली गई।
काफी देर तक परिवार के सदस्यों से बातचीत करने के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक वहां से रवाना हो गए। अधिकारियों के जाने के बाद परिवार के सदस्यों ने इस मुलाकात को ‘औपचारिक’ बताया।
परिजनों ने डीएम-एसपी की मुलाकात को बताया औपचारिक
परिवार के मुताबिक, दोनों अधिकारियों ने उनसे शांतिपूर्वक बातचीत की और उनका हालचाल पूछा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी तरह की परेशानी होने पर प्रशासन को इसकी जानकारी दी जाए। हालांकि, परिवार ने इस भेंट को महज एक औपचारिकता करार दिया, जो इस गंभीर मामले में न्याय की उनकी उम्मीदों से कमतर प्रतीत हुई।
इस मुलाकात के बाद भी पुलिस फायरिंग मामले में न्यायिक जांच और परिवार की मांगों पर आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। प्रशासन की यह पहल आगामी दिनों में इस संवेदनशील मामले पर क्या प्रभाव डालेगी, इस पर सबकी निगाहें रहेंगी।







