Bihar Weather: बिहार में मॉनसून की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं, जिसके कारण राज्य को अब भी बारिश की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार को नौ जिलों में हल्की वर्षा की संभावना जताई है, लेकिन इसके बावजूद सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश हुई है और राज्य के 14 जिलों में 44 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय धूप खिली रहेगी और मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, जबकि न्यूनतम तापमान भी अगले पांच दिनों तक स्थिर रहने की उम्मीद है।

किन जिलों में होगी हल्की बारिश?
सोमवार को जिन नौ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है, उनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीवान, सारण, गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, रोहतास और कैमूर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में स्थानीय मौसमी बदलाव के कारण कुछ देर के लिए हल्की वर्षा हो सकती है।
बीते 24 घंटों के दौरान भी बिहार में मॉनसून की गतिविधियां सुस्त रहीं। किशनगंज के तेरहागाछ में सर्वाधिक 67 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि अररिया में 58 मिमी और मधुबनी में 56 मिमी बारिश हुई। बेगूसराय में 12 मिमी और राजधानी पटना में 6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मॉनसून की बेरुखी और बारिश का गणित
राज्य के उत्तर-मध्य और उत्तर-पूर्वी हिस्सों के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई, वहीं अन्य क्षेत्रों के अलग-अलग हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बौछारें पड़ीं। हालांकि, इन छिटपुट बारिश के बावजूद बिहार में मॉनसून का भारी घाटा बना हुआ है। 1 जून से अब तक राज्य में 875.4 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 570.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 35% कम है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार में सीमित बारिश का मुख्य कारण मध्य भारत पर बना कम दबाव का क्षेत्र है। इस सिस्टम से जुड़ी मुख्य वर्षा गतिविधि वर्तमान में मध्य भारत और उससे सटे क्षेत्रों पर केंद्रित है। अगले 24 घंटों में यह सिस्टम दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उत्तरी गुजरात की ओर बढ़ने की संभावना है।
बाढ़ का विकट संकट और पटना का हाल
मॉनसून ट्रफ भी इस समय मध्य भारत से होकर गुजर रही है, जिसके कारण बिहार पर इसका सीधा प्रभाव कमजोर है। यही वजह है कि राज्यभर में व्यापक वर्षा की उम्मीद नहीं है और बारिश कुछ चुनिंदा जिलों तक ही सीमित रहने की संभावना है।
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 14 जिलों के 2,360 गांवों में लगभग 44 लाख लोग अभी भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। राज्य की आठ नदियां अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ का संकट गहराया हुआ है। राजधानी पटना में दिन के समय मुख्यतः धूप खिली रहेगी और उमस भरी गर्मी का अनुभव होगा। यहां महत्वपूर्ण वर्षा की संभावना कम है, हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़े बदलाव की संभावना से इनकार किया है। ऐसे में बिहार के लिए मॉनसून की सक्रियता और पर्याप्त बारिश का इंतजार अभी भी बना हुआ है, ताकि किसानों और बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत मिल सके।







