Bihar Politics: बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानों का दौर तेज है। जदयू के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में ग्रामीण विकास एवं सूचना-जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए महागठबंधन को ‘स्वार्थ का गठबंधन’ करार दिया। यह बयान जदयू के विधानमंडल दल की आगामी बैठक से पहले आया है, जिसमें विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को विधायी कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
महागठबंधन पर मंत्री श्रवण कुमार का तीखा वार
मंत्री श्रवण कुमार ने विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार उतारने के सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन सिर्फ स्वार्थ पर टिका हुआ है और स्वार्थ की पूर्ति न होने पर यह बिखर गया है। श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया कि जदयू का इस खींचतान से कोई लेना-देना नहीं है।

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, “यह स्वार्थ का महागठबंधन है। स्वार्थ सिद्धि नहीं हुई तो महागठबंधन बिखर गया। जदयू का इससे कोई लेना-देना नहीं है।”
उन्होंने राजद और कांग्रेस के बीच चल रही खींचतान का भी जिक्र किया, जिससे बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। यह बयान बिहार की सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
विधायकों को सदन की कार्यप्रणाली समझाएगी जदयू
श्रवण कुमार ने बताया कि सितंबर में जदयू विधानमंडल दल के सभी सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस प्रबोधन कार्यक्रम में सभी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। यह बैठक 18 सितंबर को पटना स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय में प्रस्तावित है।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विधायकों को विधायी कार्यों की पूरी जानकारी प्रदान करना है। इसमें प्रश्नकाल, ध्यानकर्षण प्रस्ताव, कार्यस्थगन प्रस्ताव और सदन के नए नियमों एवं प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। सदस्यों को यह भी सिखाया जाएगा कि वे सदन में अपनी बात को किस प्रकार मजबूती और प्रभावी तरीके से रख सकते हैं। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ भी शामिल होंगे, और पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा भी मौजूद रहेंगे। मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार, इस पहल से सदस्यों को सदन की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझने और अपनी भूमिका को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
यूसीसी पर जानकारी का अभाव
समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री श्रवण कुमार ने फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस विषय की अभी पूरी जानकारी नहीं है और जानकारी लेने के बाद ही वे इस पर कुछ कह पाएंगे। यह दर्शाता है कि पार्टी इस संवेदनशील मुद्दे पर सोच-समझकर कदम उठाना चाहती है।
जदयू की यह आंतरिक तैयारी और मंत्री का विपक्षी गठबंधन पर हमला, आगामी राजनीतिक परिदृश्य में पार्टी की रणनीति को स्पष्ट करता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बैठक और बयानों का बिहार की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है।






