Bihar Vocational Education: बिहार में अब स्कूली छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। राज्य सरकार छठी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा को सामान्य पाठ्यक्रम में एकीकृत करने की तैयारी कर रही है। इस महत्वपूर्ण पहल को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से लागू करने की रणनीति बना रहा है। इसके तहत शिक्षकों को व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस तैयारी के तहत, पटना में 16 और 17 सितंबर को दो दिवसीय आवासीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यशाला में जिला स्तरीय व्यावसायिक नोडल अधिकारी, प्रत्येक जिले से एक विज्ञान शिक्षक और एक सामाजिक विज्ञान शिक्षक शामिल होंगे। यह कदम छात्रों को भविष्य के लिए आवश्यक कौशल से लैस करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाएगा।

555 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार
राज्यभर के 555 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने की योजना है। इन स्कूलों में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के छात्र अपनी पसंद के अनुसार दो ट्रेड में से किसी एक का चयन कर सकेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को स्कूल में रहते हुए ही व्यावहारिक और रोजगारपरक कौशल प्रदान करना है। इस प्रशिक्षण का लक्ष्य उन्हें नौकरी पाने या स्वरोजगार के माध्यम से आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है।
प्रत्येक भागीदार स्कूल में दो व्यावसायिक ट्रेड उपलब्ध कराए जाएंगे। इन ट्रेडों का आवंटन जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय स्तर पर प्रबंधित किया जाएगा। छात्रों को उन कौशल से जुड़े रोजगार के अवसरों को समझने में मदद करने के लिए प्रत्येक ट्रेड के साथ जॉब रोल भी मैप किए गए हैं। उदाहरण के लिए, इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर ट्रेड के तहत, नौवीं और दसवीं कक्षा के छात्रों को जूनियर तकनीशियन – सोलर ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसे पदों के लिए प्रशिक्षित किया जा सकता है। ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के छात्रों को आगे रोजगार-केंद्रित प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें सौर पैनल स्थापना से संबंधित कौशल शामिल होंगे।
छात्रों को मिलेंगे रोजगार के अवसर
इस व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल आठ ट्रेड शामिल किए गए हैं, जो छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर देंगे।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर
- टेलीकॉम
- आईटी
- प्लंबिंग
- कृषि
- परिधान (अपैरल)
- मेड-अप्स और होम फर्निशिंग
- रिटेल
शिक्षकों का प्रशिक्षण और आवश्यक दस्तावेज
सितंबर में होने वाली कार्यशाला में भाग लेने वाले शिक्षकों से अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी लाने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, सभी प्रतिभागियों को 14 सितंबर तक निर्धारित गूगल फॉर्म के माध्यम से अपनी जानकारी जमा करनी होगी। यह जानकारी प्रशिक्षण स्थल पर आवास की व्यवस्था करने के लिए उपयोग की जाएगी।
यह पहल बिहार के शैक्षिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी, जिससे छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल प्रदान करके उनके भविष्य को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी। यह कदम राज्य में बेरोजगारी कम करने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।







