Bihar New Airport: बिहार के बिहार के कैमूर और रोहतास जिले के लोगों का हवाई सफर का सपना जल्द पूरा हो सकता है। सरकार ने कैमूर और रोहतास के बीच नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए रामपुर प्रखंड में 160 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है और इसका प्रस्ताव नागरिक विमानन विभाग को भेज दिया गया है। यह कदम क्षेत्र में विकास और पर्यटन को नई गति देगा।
कैमूर के जिलाधिकारी कुमार अनुराग ने सबार, पाली और रामपुर मौजा में कुल 160 एकड़ जमीन का नक्शा और प्रस्ताव नागरिक विमानन विभाग को भेजा है। यह चिह्नित जमीन बनारस-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के करीब है, जिससे भविष्य में एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए बेहतरीन सड़क कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
अब भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण करेगा जांच
जमीन चिह्नित होने के बाद अब अगला महत्वपूर्ण चरण इसकी तकनीकी जांच का है। नागरिक विमानन विभाग ने 9 सितंबर को कैमूर और रोहतास के डीएम को पत्र भेजकर एयरपोर्ट निर्माण से संबंधित सात महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी हैं। इसके बाद भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की एक टीम इस जगह का दौरा कर तकनीकी व्यवहार्यता का आकलन करेगी। इसी जांच से यह तय होगा कि यहां एयरपोर्ट बनाना संभव है या नहीं।
कैमूर डीएम कुमार अनुराग ने बताया, ‘रामपुर प्रखंड में एयरपोर्ट के लिए 160 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। इसका प्रस्ताव नागरिक विमानन विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।’
विभाग ने जो जानकारी मांगी है, उनमें जमीन की सही लोकेशन और खसरा नंबर वाला नक्शा, जमीन का आकार और उसकी लंबाई-चौड़ाई बताने वाला नक्शा, भारतीय सर्वेक्षण विभाग का नक्शा, पिछले 10 साल का मौसम का रिकॉर्ड, हवा की दिशा और रफ्तार की जानकारी, और जमीन की ढलान व ऊंचाई-निचाई वाला नक्शा शामिल हैं।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंडेश्वरी धाम में ‘सहयोग यात्रा’ के दौरान कैमूर-रोहतास के बीच एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद से ही जमीन की तलाश शुरू हुई थी। इस नए एयरपोर्ट के बनने से कैमूर और रोहतास में स्थित कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच बेहद आसान हो जाएगी। इनमें मुंडेश्वरी धाम, दुर्गावती जलाशय, करकटगढ़, शेरशाह सूरी का मकबरा, रोहतासगढ़ किला और गुप्ता धाम जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।
एक्सप्रेसवे के पास होने के कारण यह एयरपोर्ट व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलेगा। यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी, जिससे बिहार के इन पश्चिमी जिलों का समग्र विकास होगा।







