Darbhanga Biroul News: दरभंगा जिले के दरभंगा बिरौल अंचल कार्यालय में गंभीर आरोप लगे हैं। यहां सरकारी कामकाज में बाधा डालने और एक महिला पदाधिकारी के साथ अभद्रता करने के मामले में पूर्व प्रखंड प्रमुख हरेराम आचार्य के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। अंचलाधिकारी सरिता रानी के आवेदन पर बिरौल थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
अंचलाधिकारी के चैंबर में जबरन घुसने का आरोप
यह पूरा मामला बिरौल प्रखंड के अकबरपुर बेक निवासी पूर्व प्रखंड प्रमुख हरेराम आचार्य से जुड़ा है। अंचलाधिकारी सरिता रानी ने थानाध्यक्ष को दिए अपने आवेदन में बताया है कि पूर्व प्रमुख हरेराम आचार्य बिना किसी ठोस वजह के उनके चैंबर में जबरन घुस जाते हैं। इसके बाद वे कार्यालय में हंगामा करना शुरू कर देते हैं।
अंचलाधिकारी सरिता रानी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है, “कार्यालय अवधि के दौरान उनके द्वारा लगातार सरकारी काम में बाधा डाली जा रही है। साथ ही ऑन ड्यूटी पदाधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार और अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। ऐसी स्थिति से कार्यालय का माहौल बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।”
इस शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया है। सरकारी कामकाज में बाधा डालना और एक महिला अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार गंभीर मामला माना जा रहा है।
पुलिस ने दर्ज किया केस, शुरू हुई जांच
अंचलाधिकारी सरिता रानी के लिखित आवेदन के आधार पर बिरौल थाना पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अंचलाधिकारी के आवेदन पर केस दर्ज किया गया है।
मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी एसआइ रंजन कुमार सिंह को सौंपी गई है। पुलिस अब प्राथमिकी में लगाए गए सभी आरोपों की गहनता से जांच कर रही है। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और अधिकारियों के प्रति सम्मान बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।







