Bihar Inspire Award Manak: भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट ने बिहार के छात्रों के लिए गौरव का पल दिया है। ‘इंस्पायर अवार्ड मानक’ योजना के तहत विज्ञान और नई खोज के क्षेत्र में बिहार के स्कूली बच्चों ने पूरे देश में अपना परचम लहराया है। रोजमर्रा की जिंदगी और विज्ञान से जुड़ी समस्याओं के लिए नए-नए इनोवेटिव आइडिया देने में बिहार के छात्रों ने देश के 12 बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। इस उपलब्धि के साथ बिहार पूरे देश की रैंकिंग में तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाने में सफल रहा है।
मुजफ्फरपुर बना देश का नंबर-1 जिला, बिहार के 4 जिलों का दबदबा
इस पूरी योजना में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला प्रदर्शन मुजफ्फरपुर जिले का रहा है। मुजफ्फरपुर ने अकेले 8,623 नए आइडिया भेजकर पूरे देश के सभी जिलों में पहला स्थान हासिल किया है। दूसरे नंबर पर राजस्थान का जयपुर जिला रहा, जिसने 8,494 आइडिया दिए।
देश के टॉप 15 जिलों की सूची में बिहार के चार जिले शामिल हैं, जो राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है:
| जिला | आइडिया की संख्या |
|---|---|
| मुजफ्फरपुर | 8,623 |
| औरंगाबाद | 5,612 |
| बांका | 5,358 |
| रोहतास | 5,328 |
इन जिलों के छात्रों ने अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का शानदार प्रदर्शन किया है। अन्य शीर्ष जिलों में लखनऊ, झुंझुनूं, बागलकोट, बैंगलोर अर्बन, हनुमानगढ़, सीकर, हरदोई, खेड़ी, पंचमहल और जोधपुर शामिल हैं।
बिहार ने पीछे छोड़े 12 बड़े राज्य, राष्ट्रीय रैंकिंग में तीसरा स्थान
कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों ने मिलकर कुल 86,476 आइडिया भेजे हैं, जिसने बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान दिलाया है। यह संख्या कई बड़े और विकसित राज्यों से कहीं अधिक है।
| राज्य | आइडिया की संख्या | देश में रैंक |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 1,66,499 | 1 |
| राजस्थान | 1,31,289 | 2 |
| बिहार | 86,476 | 3 |
बिहार से पीछे रहने वाले 12 राज्यों में कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड (सातवें स्थान पर), आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड, तेलंगाना, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। यह दिखाता है कि शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है।
क्या है इंस्पायर अवार्ड मानक योजना?
इंस्पायर अवार्ड मानक योजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नए प्रयोग करने की आदत को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्र भाग ले सकते हैं। स्कूल स्तर पर चुने गए सर्वश्रेष्ठ आइडिया को शिक्षक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करते हैं।
जिन बच्चों के आइडिया का चयन होता है, उन्हें उसका मॉडल (प्रोटोटाइप) तैयार करने के लिए सरकार की ओर से 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलती है। इसके बाद जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, जहां छात्र अपने इनोवेटिव मॉडल्स का प्रदर्शन करते हैं।
छात्रों और स्कूलों के पास अपने नए आइडिया ऑनलाइन भेजने के लिए 10 अक्टूबर तक का समय है। यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छात्रों को विज्ञान के प्रति प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।







