Bihar Tourism: बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने हाल ही में राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना का अनावरण किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के बिना पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना असंभव है। अब सरकार का ध्यान केवल धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पर्यटन अनुभव को आधुनिक और आकर्षक बनाने पर है।
पर्यटक आगमन का नया रिकॉर्ड और बड़े निवेश
जारी किए गए आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि बिहार में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। वर्ष 2025 में राज्य में 6 करोड़ 62 लाख से अधिक पर्यटकों ने आगमन दर्ज किया, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। इन संभावनाओं को और आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में पर्यटन विकास के लिए 1,301 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसके अतिरिक्त, ‘प्रगति यात्रा 2025’ के तहत 2,710 करोड़ रुपये की लागत से 36 प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। यह बड़ा निवेश राज्य के पर्यटन परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

धार्मिक स्थलों से आगे, नए अनुभवों की सौगात
राज्य में सिर्फ धार्मिक स्थलों का ही कायाकल्प नहीं हो रहा, बल्कि पर्यटकों को नए अनुभव देने के लिए कई अनूठी परियोजनाएं भी आकार ले रही हैं।
| परियोजना का नाम | स्थान | अनुमानित लागत | मुख्य विशेषता |
|---|---|---|---|
| मां सीता का मंदिर विकास | पुनौराधाम, सीतामढ़ी | 1,000 करोड़ रुपये से अधिक | धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा |
| विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर | गयाजी | 2,500 करोड़ रुपये | तीर्थयात्रियों के लिए सुविधा |
| हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर | सोनपुर | 680 करोड़ रुपये से अधिक | पर्यटक आकर्षण का केंद्र |
| बौद्ध ध्यान और अनुभव केंद्र | बोधगया | 165 करोड़ रुपये | बौद्ध पर्यटन को प्रोत्साहन |
| ग्लास ब्रिज | मत्स्यगंधा झील, सहरसा | लागत अज्ञात | एडवेंचर पर्यटन |
| लव-कुश पार्क | वाल्मीकि नगर | लागत अज्ञात | पारिवारिक मनोरंजन |
ये परियोजनाएं बिहार को एक विविध पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेंगी, जहाँ हर पर्यटक अपनी रुचि के अनुसार कुछ न कुछ पा सकेगा।
हेली-टूरिज्म और होमस्टे से बढ़ेगा ग्रामीण रोजगार
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए परिवहन और आवास के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। पटना दर्शन, नालंदा और वाल्मीकि नगर के लिए हेली-टूरिज्म की योजना तैयार की जा रही है, जिससे यात्रा सुगम और रोमांचक बनेगी। पटना के अटल पथ से सोनपुर में हरिहरनाथ मंदिर तक रोपवे की भी योजना प्रस्तावित है, जो कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री होमस्टे योजना शुरू की गई है। इसके तहत 34 पर्यटन स्थलों के आसपास लगभग 1,000 कमरे विकसित किए जा रहे हैं। लाभार्थियों को प्रति यूनिट 11 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी।
‘डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के बिना पर्यटन को नई ऊंचाई देना संभव नहीं है. ऐसे में सरकार का फोकस अब सिर्फ धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे पर्यटन अनुभव को बदलने पर है.’ – केदार प्रसाद गुप्ता, पर्यटन मंत्री, बिहार
AI और रोबोटिक्स से मिलेगी विदेशी पर्यटकों को सहायता
डिजिटल मोर्चे पर सबसे खास बदलाव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से आएगा। पर्यटकों की पसंद और यात्रा संबंधी डेटा का विश्लेषण कर AI उन्हें उनकी जरूरत के अनुसार घूमने की जगह, होटल और भोजन की सटीक जानकारी प्रदान करेगा। चीन, जापान और कोरिया जैसे देशों से आने वाले पर्यटकों के लिए रोबोटिक्स और भाषा तकनीक का उपयोग कर उनकी अपनी भाषा में सहायता उपलब्ध कराने की भी योजना है। यह पहल बिहार को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाएगी और पर्यटकों के अनुभव को और अधिक सुविधाजनक बनाएगी।

