Bihar Polytechnic Teacher Recruitment: बिहार के राजकीय पॉलिटेक्निक और महिला पॉलिटेक्निक कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने विभागाध्यक्षों सहित संकाय सदस्यों के 218 पदों के लिए दो बार विज्ञापन जारी किया, लेकिन एक भी आवेदन नहीं मिलने के कारण इन रिक्तियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को वापस भेज दिया है। यह स्थिति राज्य में तकनीकी शिक्षा के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पिछले साल बीपीएससी ने इन पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। जब पहली बार कोई आवेदन नहीं मिला, तो आयोग ने दोबारा ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए। दुर्भाग्यवश, दूसरी बार भी किसी योग्य उम्मीदवार ने इन महत्वपूर्ण पदों के लिए आवेदन नहीं किया।
खाली रह गए 16 विषयों के 218 विभागाध्यक्ष पद
बीपीएससी ने कुल 16 विषयों में विभागाध्यक्ष के 218 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इन पदों में विभिन्न इंजीनियरिंग विषयों के साथ-साथ विशेषीकृत शाखाएं भी शामिल थीं। आवेदन न मिलने से ये सभी पद खाली रह गए हैं, जिससे तकनीकी शिक्षा संस्थानों में शिक्षण कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
| विषय | रिक्त पदों की संख्या |
|---|---|
| मैकेनिकल इंजीनियरिंग | 33 |
| कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग | 43 |
| इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग | 42 |
| सिविल इंजीनियरिंग | 45 |
| इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग | 39 |
| टेक्सटाइल इंजीनियरिंग | 3 |
| अग्नि प्रौद्योगिकी एवं सुरक्षा | 2 |
| ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग | 2 |
| प्रिंटिंग प्रौद्योगिकी | 1 |
| खान इंजीनियरिंग | 1 |
| फैशन एवं कपड़ा प्रौद्योगिकी | 1 |
| केमिकल इंजीनियरिंग | 1 |
| सिरेमिक्स इंजीनियरिंग | 1 |
| सिविल (ग्रामीण) इंजीनियरिंग | 1 |
| खाद्य प्रसंस्करण एवं संरक्षण | 1 |
| कृषि इंजीनियरिंग | 1 |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बिहार के तकनीकी कॉलेजों में शिक्षकों की कमी एक बड़ी चुनौती बन गई है, जिसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ेगा।
विभाग करेगा आगे की कार्रवाई
इस मामले पर विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव अहमद महमूद ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि विभाग को इस संबंध में बीपीएससी से आधिकारिक सूचना मिल चुकी है।
अपर सचिव अहमद महमूद ने कहा, “विभाग को इस संबंध में बीपीएससी से सूचना मिली है। विभाग इसकी जांच करेगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई के बारे में निर्णय लिया जायेगा।”
विभाग अब इस बात की जांच करेगा कि इन महत्वपूर्ण पदों के लिए आवेदन क्यों नहीं मिले और भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। यह देखना होगा कि सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या नई रणनीति अपनाती है ताकि बिहार के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में योग्य शिक्षकों की कमी दूर हो सके।







