Trump Iran Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के साथ चल रहे तनाव पर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध बहुत जल्द खत्म हो जाएगा और आने वाले वर्षों में इतिहासकार इसे उनके प्रशासन के सबसे अहम फैसलों में से एक के तौर पर याद करेंगे। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आवाजाही बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है।
वॉशिंगटन डीसी में एक नए AI आधारित संघीय मंच की शुरुआत के दौरान बोलते हुए, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की स्थिति को ‘बहुत खराब’ बताया। उन्होंने साफ किया कि तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी।
ट्रंप ने जोर देकर कहा, “बहुत जल्द यह खत्म हो जाएगा। ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा।” उन्होंने यह भी दावा किया कि तेल की कीमतें उस स्तर तक गिरेंगी, जहां वे ईरान में सैन्य कार्रवाई शुरू करने से पहले थीं। ट्रंप ने भविष्यवाणी की कि आने वाले समय में लोग इस संघर्ष को उसी तरह याद कर सकते हैं, जैसे इराक युद्ध को याद किया जाता है।
होर्मुज स्ट्रेट में तेल की आवाजाही
इस बीच, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आवाजाही में कुछ सुधार देखा गया है। पिछले एक हफ्ते में इस जलमार्ग से रोजाना औसतन करीब 1.32 करोड़ बैरल तेल की आवाजाही हुई है। यह संघर्ष से पहले के स्तर का लगभग 77 फीसदी है, जो एक सकारात्मक संकेत है। 24 से 27 सितंबर के बीच, रोजाना तेल प्रवाह 65 लाख से 1.26 करोड़ बैरल के बीच रहा।
हालांकि, होर्मुज को पूरी तरह दोबारा खोलने को लेकर अभी भी बातचीत जारी है। ईरान की ओर से 7 दिनों के भीतर स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने की एक योजना प्रस्तावित की गई है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता आ सकती है।
ईरान और अमेरिका के बीच बयानबाजी तेज
ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने अमेरिकी दावों के बीच कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल को आखिरकार इस क्षेत्र से बाहर जाना पड़ेगा, जबकि ईरान यहीं बना रहेगा। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख अजीजी ने साफ शब्दों में कहा,
“अमेरिका को इस क्षेत्र से जाना ही होगा और इजरायल के दिन गिने जा रहे हैं। अंत में ईरान और उसके पड़ोसी ही यहां आमने-सामने रहेंगे।”
दूसरी ओर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के सर्वोच्च नेता के स्वास्थ्य को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अमेरिका को लगता है कि ईरानी सर्वोच्च नेता अभी जीवित हैं, हालांकि इसकी पूरी पुष्टि नहीं है। वेंस ने बताया कि उन्होंने हाल में ईरानी नेता को कैमरे पर नहीं देखा है, लेकिन उपलब्ध सबसे मजबूत सबूत उनके जीवित होने की ओर इशारा करते हैं। यह बयानबाजी दर्शाती है कि क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है, भले ही तेल आवाजाही में सुधार के संकेत मिल रहे हों।







