Samastipur Cyber Fraud: बिहार के समस्तीपुर जिले में साइबर ठगों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। शिवाजीनगर प्रखंड के विकास पदाधिकारी (BDO) बीरेंद्र कुमार सिंह का सरकारी मोबाइल नंबर हैक कर लिया गया है। इस घटना के बाद हड़कंप मच गया है, क्योंकि हैकर्स अब बीडीओ के नंबर का इस्तेमाल कर सरकारी और निजी व्हाट्सएप ग्रुपों में गलत संदेश भेजकर लोगों से वन टाइम पासवर्ड (OTP) मांगने की कोशिश कर रहे हैं।
जानकारी मिलते ही समस्तीपुर के बीडीओ बीरेंद्र कुमार सिंह ने तत्काल अपने सरकारी मोबाइल नंबर को बंद कर दिया है। उन्होंने तुरंत विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से लोगों को सचेत किया है कि उनके हैक किए गए नंबर से आने वाले किसी भी संदिग्ध मैसेज को न खोलें और न ही किसी प्रकार की निजी जानकारी या ओटीपी साझा करें। यह घटना साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
हैकर्स ने सरकारी WhatsApp ग्रुप में फैलाया जाल
बीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जैसे ही उन्हें अपने सरकारी मोबाइल नंबर के हैक होने की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत उसे बंद करवा दिया। इसके बाद उन्होंने अन्य माध्यमों से लोगों तक यह संदेश पहुंचाया कि साइबर हैकर्स उनके नंबर का दुरुपयोग कर रहे हैं। हैकर्स ने बीडीओ के नंबर से जुड़े सरकारी और निजी दोनों तरह के व्हाट्सएप ग्रुपों में गलत मैसेज भेजे, जिनका उद्देश्य लोगों से ओटीपी प्राप्त करना था।
”मामले की जानकारी मिलते ही तत्काल सरकारी मोबाइल नंबर को बंद कर दिया गया। इसके बाद विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में मैसेज भेजकर लोगों को साइबर हैकर्स द्वारा भेजे गये किसी भी संदिग्ध मैसेज को ओपन नहीं करने और किसी प्रकार की जानकारी या ओटीपी साझा नहीं करने की सलाह दी गयी है।”
– बीरेंद्र कुमार सिंह, बीडीओ, शिवाजीनगर
बीडीओ ने आम जनता से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उनके हैक किए गए नंबर से आने वाले किसी भी संदेहास्पद संदेश पर कोई प्रतिक्रिया न दें, ताकि कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार न हो।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
इस गंभीर मामले की सूचना स्थानीय शिवाजीनगर थाने को दे दी गई है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। बीडीओ ने विभागीय स्तर पर भी सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए संबंधित अधिकारियों को घटना की जानकारी दी है। पुलिस अब हैकर्स की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जरूरी कार्रवाई कर रही है। यह घटना दर्शाती है कि साइबर अपराधी सरकारी अधिकारियों को भी निशाना बनाने से नहीं हिचक रहे हैं, जिससे आम जनता को और भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।







