Bihar Flood News: गंडक नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण बिहार के मुजफ्फरपुर और सारण जिलों में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। इस आपदा का सीधा असर मुजफ्फरपुर-छपरा मुख्य मार्ग (एनएच-102) पर पड़ा है, जिसे अम्बारा चौक के समीप पूरी तरह बंद कर दिया गया है। सड़कों पर बाढ़ के पानी का तेज बहाव और जलजमाव देखते हुए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन और पुलिस ने यह बड़ा सुरक्षात्मक कदम उठाया है, जिससे हजारों यात्रियों का आवागमन प्रभावित हुआ है।
NH-102 पर 5 फीट तक पानी, परिचालन असुरक्षित
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मुजफ्फरपुर और छपरा के बीच स्थित रेवा घाट से कुछ ही दूरी पर, सारण (छपरा) जिले के मेकर इलाके में मुख्य सड़क पर करीब 3 से 4 फीट तक बाढ़ का पानी बह रहा है। कई जगहों पर जलस्तर पांच फीट तक पहुंच गया है, जिसके कारण इस महत्वपूर्ण मार्ग पर परिचालन पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल ने मुजफ्फरपुर जिले के सरैया इलाके में आने वाले अम्बारा चौक पर ही भारी वाहनों को रोक दिया है।
स्थानीय जनप्रतिनिधि गणिनाथ सहनी ने इस संबंध में बताया, ‘पुलिस और प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम जनहित में बेहद जरूरी था। छपरा की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर चार से पांच फीट पानी होने के कारण लंबी दूरी की गाड़ियों, विशेषकर बसों और ट्रकों के लिए रास्ता पूरी तरह बंद है। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए आस-पास के गांवों में जाने वाली छोटी गाड़ियों और दोपहिया वाहनों को बेहद सावधानी के साथ निकलने दिया जा रहा है, ताकि उन्हें ज्यादा परेशानी न हो।’
गंडक का बांध टूटा, तेज बहाव से खतरा
मुजफ्फरपुर पुलिस ने बैरिकेडिंग स्थल पर चौबीसों घंटे जवानों की तैनाती की है ताकि यातायात को नियंत्रित किया जा सके और कोई अप्रिय घटना न हो। सरैया की अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अभिजीत कौर ने मामले की गंभीरता पर बात करते हुए बताया कि सारण जिले में गंडक नदी का सुरक्षात्मक बांध टूटने के कारण बाढ़ का पानी मुख्य सड़क पर आ गया है।
अभिजीत कौर ने स्पष्ट किया, ‘बीच सड़क पर पानी का बहाव बेहद तेज है और वर्तमान स्थिति यातायात के अनुकूल नहीं है। इस रास्ते से आवागमन किसी भी स्थिति में सुरक्षित नहीं है, इसलिए सुरक्षा कारणों से बैरिकेडिंग लगाकर मार्ग को डायवर्ट और नियंत्रित किया गया है।’
गंडक नदी की इस विनाशकारी बाढ़ से मुजफ्फरपुर के दो और छपरा जिले के करीब आधा दर्जन प्रखंडों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सुरक्षित रहने की अपील कर रहा है। मार्ग के खुलने को लेकर अभी कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है, यह स्थिति सामान्य होने पर ही संभव होगा।







