Bihar Brick Kiln Owners: बिहार में बिहार के ईंट-भट्ठा कारोबारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने पुराने बकाया राजस्व के निपटारे के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू कर दी है। इस योजना के तहत, कारोबारियों को 20 दिसंबर तक बकाया मूल राशि जमा करने पर ब्याज में पूरी तरह छूट मिल जाएगी, जिससे उन्हें करोड़ों रुपये की राहत मिलेगी।
बिहार के ईंट-भट्ठा मालिकों के लिए आखिरी मौका! 20 दिसंबर तक ब्याज होगा माफ, सरकार ने दी बड़ी छूट
Bihar Brick Kiln: बिहार के ईंट-भट्ठा कारोबारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य के खान एवं भूतत्व विभाग ने ‘एकमुश्त समाधान योजना’ लागू की है, जिसके तहत पुराने बकाये पर लगी ब्याज की राशि को माफ कर दिया जाएगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए कारोबारियों को 20 दिसंबर तक मूल राजस्व राशि जमा करनी होगी। यह कदम उन हजारों ईंट-भट्ठा मालिकों को सीधा फायदा पहुंचाएगा, जिन पर लंबे समय से करोड़ों रुपये का बकाया चल रहा है।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बिहार के 38 जिलों में वित्तीय वर्ष 2024-25 तक ईंट-भट्ठों से जुड़ा कुल 289.38 करोड़ रुपये का राजस्व बकाया है। दरअसल, मूल राजस्व के रूप में 226.40 करोड़ रुपये बकाया था, जिस पर 90.26 करोड़ रुपये का जुर्माना और ब्याज जुड़ गया था। इससे कुल बकाया बढ़कर 316.66 करोड़ रुपये हो गया था। वसूली के लिए नीलाम पत्र वाद और प्राथमिकी जैसी कानूनी प्रक्रियाएं भी चलाई गईं, जिनसे अब तक 27.28 करोड़ रुपये वसूल किए जा चुके हैं। अब शेष 289.38 करोड़ रुपये के निपटारे के लिए यह विशेष योजना लाई गई है।
बिहार के ईंट-भट्ठा मालिकों को कितनी मिलेगी राहत?
इस योजना के तहत, ईंट-भट्ठा कारोबारियों को सिर्फ मूल राजस्व राशि का भुगतान करना होगा। 90.26 करोड़ रुपये की ब्याज और जुर्माने की राशि को माफ कर दिया जाएगा। यह उन कारोबारियों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो बढ़ते ब्याज के कारण अपनी देनदारी चुकाने में असमर्थ थे। योजना का सीधा आधार मूल राजस्व का भुगतान है, जिससे पुराने मामले खत्म हो सकेंगे।
क्या है ‘एकमुश्त समाधान योजना’ की प्रक्रिया?
जिन ईंट-भट्ठा कारोबारियों के खिलाफ नीलाम पत्र वाद दर्ज हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा यानी 20 दिसंबर तक बकाये की मूल राशि जमा करनी होगी। राशि जमा होने के बाद खान एवं भूतत्व विभाग संबंधित नीलाम पत्र पदाधिकारी को लिखित सूचना देगा। इस सूचना में स्पष्ट किया जाएगा कि संबंधित कारोबारी के खिलाफ अब कोई मांग बकाया नहीं है। इस आधार पर नीलाम पत्र पदाधिकारी लंबित वाद का निपटारा कर सकेंगे। विभाग का लक्ष्य पुराने मामलों को निपटाना और कारोबारियों को राहत देना है।
खान एवं भूतत्व विभाग के अनुसार, ‘एकमुश्त समाधान योजना’ का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित राजस्व बकायों का निपटारा करना और ईंट-भट्ठा कारोबारियों को ब्याज के बोझ से मुक्ति दिलाना है। यह योजना राज्य के आर्थिक विकास में भी सहायक होगी।
20 दिसंबर की समय सीमा इस प्रक्रिया में बेहद महत्वपूर्ण है। इस तिथि तक भुगतान करने वाले सभी पात्र कारोबारियों को ही ब्याज से जुड़ी देनदारी से मुक्ति मिलेगी। यह पहल राज्य सरकार द्वारा कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने और पुराने विवादों को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ईंट-भट्ठा मालिकों को 90 करोड़ से अधिक की ब्याज माफी
खान एवं भूतत्व विभाग ने ईंट-भट्ठा मालिकों की परेशानियों को देखते हुए यह महत्वपूर्ण योजना बनाई है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 38 जिलों में वित्तीय वर्ष 2024-25 तक ईंट-भट्ठों पर कुल 226.40 करोड़ रुपये का राजस्व बकाया था। इस मूल बकाया पर 90.26 करोड़ रुपये जुर्माना और ब्याज के रूप में लगाया गया था, जिससे कुल बकाया राशि 316.66 करोड़ रुपये हो गई थी।
खान एवं भूतत्व विभाग के अनुसार, अभी तक नीलाम पत्र वाद और प्राथमिकी के माध्यम से 27.28 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है, लेकिन अब भी 289.38 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसी बड़ी बकाया राशि को चुकाने में सुविधा देने के लिए सरकार ने एकमुश्त जमा योजना लागू की है।
इस योजना का सीधा लाभ उन हजारों कारोबारियों को मिलेगा जो ब्याज और जुर्माने के बोझ तले दबे थे। अब उन्हें सिर्फ मूल राजस्व जमा करके इस बोझ से मुक्ति मिल सकेगी।
कैसे मिलेगा योजना का लाभ?
एकमुश्त समाधान योजना के तहत, जो कारोबारी नीलाम पत्र वाद में दर्ज हैं, उन्हें कुल बकाया राशि में से सिर्फ मूल राजस्व की रकम जमा करनी होगी। ब्याज की राशि को पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। मूल राजस्व की यह राशि जमा होते ही संबंधित नीलाम पत्र वाद का निपटारा कर दिया जाएगा, जिससे कारोबारियों को कानूनी झंझटों से भी राहत मिलेगी।
यह योजना बिहार के ईंट-भट्ठा कारोबारियों को अपने व्यवसाय को सुचारु रूप से चलाने और सरकारी बकाये को चुकाने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है। 20 दिसंबर की समय सीमा से पहले इस योजना का लाभ उठाने से उन्हें बड़ी वित्तीय राहत मिल सकती है।







