Lakhisarai Education: बिहार के लखीसराय जिले में शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। यहाँ सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है। जिला शिक्षा विभाग, लखीसराय ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर कई विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों द्वारा मनमाने तरीके से उपस्थिति दर्ज किए जाने का खुलासा किया है, जिसके बाद 29 हेडमास्टरों को नोटिस जारी किया गया है।
ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर विसंगतियाँ: 29 हेडमास्टरों को नोटिस
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (योजना एवं लेखा) मो. इसरार अहमद ने इस मामले में संबंधित 29 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को नोटिस भेजा है। विभाग ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज छात्र उपस्थिति के आंकड़ों में गंभीर विसंगतियों का उल्लेख किया है। इन विसंगतियों को लेकर संबंधित विद्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि लाभुक आधारित योजनाओं के लिए विद्यार्थियों की वास्तविक 75 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज किया जाना बेहद जरूरी है। ऐसे में पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों और वास्तविक उपस्थिति में किसी भी तरह की विसंगति को लेकर विभाग ने जवाब तलब किया है।
यह कार्रवाई छात्रों को मिलने वाले लाभ से जुड़ी है, क्योंकि 75% उपस्थिति कई सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अनिवार्य होती है।
मूल उपस्थिति पंजी के साथ कार्यालय में बुलाया
जिन विद्यालयों के डेटा में गड़बड़ी पाई गई है, उनके प्रधानाध्यापकों को अपने-अपने विद्यालय की मूल छात्र उपस्थिति पंजी के साथ जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। उन्हें गुरुवार 08 अक्तूबर को पूर्वाह्न 11 बजे अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। इस दौरान पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों का मिलान मूल पंजी से किया जाएगा, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला शिक्षा विभाग ने सख्त चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार, निर्धारित तिथि और समय पर उपस्थित नहीं होने वाले अथवा संतोषजनक जवाब नहीं देने वाले विद्यालय प्रधानों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस नोटिस के जरिए संबंधित प्रधानाध्यापकों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का मौका दिया गया है। विभाग की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी। इस पूरे मामले की सूचना संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को भी दी गई है, ताकि आवश्यक समन्वय स्थापित किया जा सके।







