Bihar Rail Line: बिहार में रेल कनेक्टिविटी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश के तीन महत्वपूर्ण जिलों पटना, नालंदा और शेखपुरा के लाखों लोगों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। नेउरा-जटडुमरी रेल लाइन का निर्माण पूरा हो चुका है, जिस पर 15 अक्टूबर से ट्रेनों का परिचालन शुरू होने जा रहा है। यह 18.2 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन किऊल-पटना-नेउरा रूट पर ट्रेनों का दबाव कम करेगी और यात्रियों को बेहतर विकल्प देगी।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, नेउरा- जटडुमरी- दनियावां-शेखपुरा रेल परियोजना का यह हिस्सा बिहार के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। कुल 123.2 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का पहला चरण तैयार है, जिससे पटना, नालंदा और शेखपुरा जिले के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।
15 अक्टूबर से शुरू होगा ट्रेनों का परिचालन
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 18.2 किलोमीटर लंबी नेउरा-जटडुमरी रेल लाइन पूरी तरह बनकर तैयार है। कोलकाता रेल संरक्षा आयुक्त की ओर से 8 अक्टूबर को इस नई रेल लाइन को हरी झंडी मिलने की संभावना है। यह मंजूरी मिलते ही 15 अक्टूबर से इस नए ट्रैक पर ट्रेनों का परिचालन विधिवत शुरू कर दिया जाएगा। इससे नेउरा-जटडुमरी-दनियावां-शेखपुरा रूट पर सफर करने वाले लाखों लोगों को सहूलियत मिलेगी।
3 जिलों को सीधा फायदा, पटना जंक्शन पर भी राहत
इस नई बिहार रेल लाइन के शुरू होने से पटना, नालंदा और शेखपुरा जिले के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर जटडुमरी, दनियावां, बिहारशरीफ या इसके आसपास के इलाकों में रहने वाले यात्रियों को अब ट्रेन पकड़ने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे प्रतिदिन यात्रा करने वाले लोगों का समय बचेगा और उन्हें आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही, किऊल-पटना-नेउरा रेल रूट पर ट्रेनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा, जिससे ट्रेनों की लेटलतीफी में भी कमी आने की उम्मीद है।
मालगाड़ियों के लिए नया रूट, नहीं आना होगा पटना
यह नई रेल लाइन न केवल यात्री ट्रेनों के लिए बल्कि मालगाड़ियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग साबित होगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, आरा या बक्सर की तरफ से आने वाली मालगाड़ियों को अब पटना आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, आरा या बक्सर की तरफ से आने वाली मालगाड़ियों को पटना आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे नेउरा और जटडुमरी होते हुए सीधे दनियावां जा सकेंगी। इसके बाद दनियावां से बिहारशरीफ और बरबीघा के रूट से गुजरते हुए शेखपुरा पहुंचना आसान होगा।’
इस नए रूट से पटना जंक्शन पर ट्रैकों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे रोजाना लगभग 4 से 6 घंटे की बचत होगी और परिचालन और अधिक सुगम हो सकेगा। यह कदम बिहार की रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा, जिससे यात्रियों और माल ढुलाई दोनों को गति मिलेगी।







