Bihar BJP: बिहार की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के गठबंधन पर बड़ा हमला बोला है। बीजेपी के कृषि मंत्री विजय सिन्हा और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष को ‘जेपी आंदोलन’ और ‘आपातकाल’ जैसे ऐतिहासिक मुद्दों पर घेरा है। उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से इन गंभीर आरोपों पर जवाब भी मांगा है, जिससे राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है।
RJD-कांग्रेस के गठजोड़ पर विजय सिन्हा का तीखा सवाल
कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने राजद और कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक तालमेल पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि लालू प्रसाद यादव समेत राजद के कई नेता जयप्रकाश नारायण (जेपी) के आंदोलन से जुड़े थे, जो कांग्रेस के ‘आपातकाल’ और लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन के खिलाफ खड़ा हुआ था। सिन्हा ने हैरानगी जताई कि आज वही नेता कांग्रेस के साथ खड़े हैं, जिसके खिलाफ उन्होंने कभी संघर्ष किया था।
विजय कुमार सिन्हा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘जिस कांग्रेस के खिलाफ जेपी ने लोकतांत्रिक आंदोलन खड़ा किया था, उसी कांग्रेस के साथ राजद का राजनीतिक तालमेल अब दिखाई दे रहा है। राजद अब कांग्रेस के साथ मिलकर परिवारवाद और सत्ता की राजनीति कर रहा है। कांग्रेस ने लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान के साथ गलत व्यवहार किया है।’
उन्होंने राहुल गांधी को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह संविधान और लोकतंत्र की बात करते हैं, तो उन्हें पहले जयप्रकाश नारायण के सामने अपने परिवार और कांग्रेस के आपातकाल के दौर को लेकर जवाब देना चाहिए। सिन्हा के इस बयान ने बिहार में विपक्ष के सामने असहज स्थिति पैदा कर दी है।
गिरिराज सिंह ने ‘SIR’ और वोट बैंक की राजनीति पर घेरा
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बेगूसराय में मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को ‘SIR’ (मतदाता सूची) से जुड़े मुद्दे पर घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे को लेकर लगातार राजनीति कर रहा है और उनकी चिंता केवल ‘बांग्लादेशी मुस्लिमों को अधिकार दिलाने’ को लेकर है।
सिंह ने विपक्ष पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दे नहीं हैं। उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी आड़े हाथों लिया। पटना में ‘SIR’ के खिलाफ हुए आक्रोश मार्च के दौरान तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने के संदर्भ में गिरिराज सिंह का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिहार में राजनीतिक गरमाहट और आगे की राह
बिहार में बीजेपी नेताओं के इन बयानों से राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है। एक तरफ जहां बीजेपी विपक्ष को उसके इतिहास और मौजूदा नीतियों पर घेर रही है, वहीं विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है। आने वाले समय में इन बयानों पर पलटवार और नए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल सकते हैं, जिससे राज्य की राजनीति में और गरमाहट आएगी।







