Bihar Food Safety: त्योहारी सीजन में बिहार में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और नमूना संग्रहण जारी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिसका ताजा उदाहरण राजधानी पटना में देखने को मिला है।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त श्री कुमार रवि के निर्देश पर खाद्य संरक्षा अधिकारियों ने फ्रेजर रोड स्थित मेसर्स बंसी विहार रेस्तरां का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मानकों का पालन नहीं पाया गया। निरीक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, रेस्तरां को कुल 112 अंकों में से केवल 63 अंक ही मिले, जो मात्र 57 प्रतिशत है। अंतिम परिणाम ‘गैर-अनुपालन’ (Non-Compliance) घोषित किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, रेस्तरां बंद करने का निर्देश
विस्तृत निरीक्षण के बाद, बंसी विहार रेस्तरां को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया गया है। प्रतिष्ठान को FSSR, 2011 के प्रावधानों और धारा-IV के तहत 14 दिनों के भीतर सभी आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया है। जब तक सुधार नोटिस प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक रेस्तरां को बंद रखना होगा। खाद्य सामग्री के भंडारण और उपयोग में FIFO (फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट) और FEFO (फर्स्ट एक्सपायर्ड, फर्स्ट आउट) नियमों का सख्ती से पालन करने का भी निर्देश दिया गया है।
‘त्योहारों के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्यभर में लगातार निरीक्षण एवं निगरानी की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।’
बंसी विहार रेस्तरां में मिलीं ये गंभीर कमियां
- खाद्य पदार्थों और पैकेजिंग सामग्री का अनुचित भंडारण।
- परिसर में पर्याप्त वेंटिलेशन (हवा आने-जाने की व्यवस्था) का अभाव।
- उपकरणों की उपयुक्तता और फर्श की खराब स्थिति।
- पेयजल से संबंधित अभिलेखों में कमी।
- दीवारों और छत की स्थिति संतोषजनक नहीं।
- कच्चे माल की सफाई में लापरवाही।
- खाद्य उपकरणों, कटलरी और क्रॉकरी की स्वच्छता का अभाव।
- खाद्य पदार्थों के सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था में कमी।
- खाद्य पदार्थों की पोर्शनिंग के दौरान स्वच्छता संबंधी चूक।
- आने वाली खाद्य सामग्री के रिकॉर्ड और FIFO/FEFO व्यवस्था के उचित अनुपालन में कमी।
- मापने और निगरानी करने वाले उपकरणों का निर्धारित समय पर कैलिब्रेशन न होना।
- पेस्ट कंट्रोल प्रमाण पत्र सहित आवश्यक अभिलेखों का अभाव।
- खाद्य संचालकों के वार्षिक चिकित्सा परीक्षण एवं टीकाकरण से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत न करना।
हालांकि, निरीक्षण के दौरान खाद्य संचालकों की व्यक्तिगत स्वच्छता से संबंधित व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करें और उपभोक्ताओं को सुरक्षित तथा गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराएं। राज्यभर में खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी, निरीक्षण, नमूना संग्रहण और प्रयोगशाला जांच की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।







