Bihar Train Food Quality: यात्रा के दौरान ट्रेन में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता अब पहले से बेहतर होगी। बिहार से गुजरने वाली प्रीमियम ट्रेनों में यात्रियों को मिलने वाले खाने और नाश्ते की क्वालिटी सुधारने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। पटना जंक्शन सहित दानापुर मंडल से होकर गुजरने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों में परोसे जाने वाले भोजन और नाश्ते पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरों से बारीकी से नजर रखी जाएगी।
हाल के दिनों में पटना जंक्शन समेत पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने वाली ट्रेनों में खानपान को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। रेलवे अधिकारियों ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए IRCTC पटना परिक्षेत्र से जुड़े बेस किचन में दो-दो AI आधारित HD कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। इन कैमरों के जरिए खानपान से जुड़ी हर गतिविधि और खाद्य सामग्रियों की निगरानी की जाएगी।
AI कैमरों से होगी निगरानी, दिल्ली से जुड़ेगा वार रूम
पटना स्थित IRCTC बेस किचन को आधुनिक बनाने की कवायद शुरू हो गई है। यहां लगाए जाने वाले AI कैमरों को दिल्ली स्थित IRCTC मुख्यालय के वार रूम से सीधे जोड़ा जाएगा। इससे दिल्ली से ही खानपान की व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और किसी भी गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सकेगा।
रेलवे बोर्ड ने प्रमुख प्रीमियम ट्रेनों के पेंट्रीकार में भी कैमरे लगाने की स्वीकृति दे दी है। पटना से जुड़ी तेजस राजधानी, दुरंतो, डिब्रूगढ़ राजधानी और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों में यह व्यवस्था जल्द ही शुरू होगी। इसके अलावा, पटना, दानापुर और पाटलिपुत्र जंक्शन से गुजरने वाली लंबी दूरी की अन्य ट्रेनों में भी कैमरों से निगरानी की तैयारी चल रही है। इन AI आधारित HD कैमरों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को मिलने वाले खाने की गुणवत्ता और खाद्य सामग्री से जुड़े मानकों की जांच करना है।
QR कोड से मिलेगी हर जानकारी, शिकायत करना होगा आसान
IRCTC के बेस किचन से ट्रेनों में भेजे जाने वाले मील पैकेट पर अब QR कोड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यात्री इस QR कोड को स्कैन करके भोजन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। उन्हें पता चल सकेगा कि भोजन किस बेस किचन में तैयार किया गया है और उसे बनाने में कौन सी सामग्री इस्तेमाल की गई है।
खाने की गुणवत्ता या किसी अन्य शिकायत की स्थिति में यात्री QR कोड के माध्यम से संबंधित बेस किचन की जानकारी हासिल कर सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इस नई तकनीक और निगरानी व्यवस्था से खानपान संबंधी शिकायतों की पहचान करना और उनका समाधान करना बेहद आसान हो जाएगा। रेलवे का लक्ष्य है कि तकनीक के इस्तेमाल से यात्रियों को प्रीमियम ट्रेनों में हमेशा उच्च गुणवत्ता वाला भोजन मिले।







