Darbhanga Court: दरभंगा कोर्ट ने आपराधिक मामलों में एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए दो अलग-अलग मामलों में आरोपित व्यक्तियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। प्रभारी प्रधान सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने अपहरण और प्राणलेवा हमला जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त अभियुक्तों को किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया, जिससे न्यायपालिका का अपराधियों के प्रति कठोर संदेश स्पष्ट हुआ।
अपहरण के आरोपी मो. उजाले की जमानत हुई खारिज
प्रभारी प्रधान सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने अपहरण के एक गंभीर मामले में आरोपित मो. उजाले की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला सिंहवाड़ा थाना कांड संख्या 284/26 से संबंधित है। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने अदालत को बताया कि अभियुक्त मो. मोहिबूल का पुत्र मो. उजाले 27 अगस्त से ही न्यायिक हिरासत में है और उस पर एक लड़की के अपहरण का आरोप है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे जमानत देने से मना कर दिया।
जानलेवा हमला मामले में कमलनाथ को भी नहीं मिली राहत
इसी अदालत ने प्राणलेवा हमला के एक अन्य मामले में भी सख्त फैसला सुनाया है। सदर थाना कांड संख्या 241/26 में आरोपित कमलनाथ उर्फ कमलनाथ महतो की अग्रिम जमानत याचिका को भी न्यायालय ने खारिज कर दिया। इस मामले में कमलनाथ पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। न्यायालय के इस फैसले से यह स्पष्ट है कि गंभीर अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों को कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलना आसान नहीं होगा, और ऐसे मामलों में न्यायपालिका कड़ा रुख अपना रही है।







