Bihar Acharya Admission: बिहार के संस्कृत विश्वविद्यालय में आचार्य (2026-28) कोर्स में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। विश्वविद्यालय ने समर्थ पोर्टल पर आवेदन करने वाले छात्रों की मेधा सूची जारी कर दी है। इसके साथ ही, नामांकन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 26 जून तक का विशेष अवसर दिया गया है। यह प्रवेश प्रक्रिया एनईपी-2020 (राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020) पर आधारित नए पाठ्यक्रम के तहत पूरी की जा रही है।
संस्कृत विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ निशिकांत ने बताया कि विद्वत्परिषद् और सिंडिकेट से स्वीकृत तथा लोकभवन, पटना से अनुमोदन की प्रत्याशा में आचार्य प्रथम सेमेस्टर (2026-28) के लिए प्रवेश शुल्क 1650 रुपये तय किया गया है। उन्होंने छात्रों से इस खास मौके का लाभ उठाने की अपील की है।
डॉ निशिकांत ने कहा, ‘छात्रों को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए।’
छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो. पुरेंद्र बारिक ने शुल्क संरचना से जुड़ी एक अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगर लोकभवन, पटना द्वारा शुल्क संरचना में कोई बदलाव किया जाता है, तो उसका समायोजन आने वाले सेमेस्टर में कर लिया जाएगा। यह व्यवस्था छात्रों के हित में की गई है ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। दरभंगा स्थित संस्कृत विश्वविद्यालय का यह कदम छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान कर रहा है।
आचार्य नामांकन: फीस और पाठ्यक्रम की पूरी जानकारी
संस्कृत विश्वविद्यालय में आचार्य कोर्स के लिए निर्धारित 1650 रुपये के प्रवेश शुल्क का भुगतान कर छात्र अपना नामांकन सुनिश्चित कर सकते हैं। यह कोर्स पूरी तरह से नई शिक्षा नीति-2020 के सिद्धांतों पर आधारित है, जिससे छात्रों को आधुनिक और प्रासंगिक शिक्षा मिल सकेगी।
लोकभवन का फैसला: शुल्क समायोजन का प्रावधान
लोकभवन, पटना की ओर से संभावित शुल्क परिवर्तन की स्थिति में छात्रों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी बदलाव का समायोजन अगले सेमेस्टर में कर लिया जाएगा, जिससे छात्रों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। यह सुविधा छात्रों को बिना किसी परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद करेगी।







