Bihar Crime: भोजपुर जिले में अपराधियों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है, जहां दुर्गा पूजा का मेला देखकर लौट रहे 18 वर्षीय छात्र शांतनु कुमार को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। इस घटना ने बिहार में बढ़ते अपराध पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते दिनों मधेपुरा में आरजेडी विधायक के रिश्तेदार की हत्या के बाद अब भोजपुर में हुई इस वारदात ने लोगों में दहशत भर दी है।
शुक्रवार की रात करीब 9:15 बजे अजीमाबाद थाना क्षेत्र के बड़गांव निवासी शांतनु कुमार को पौना बाजार में अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने निशाना बनाया। वह अपने मौसेरे भाई साहिल कुमार और दो दोस्त सूरज व विशाल के साथ दुर्गा पूजा पंडाल में प्रतिमा देखने और मेला घूमने गया था। घर लौटते समय तीन हमलावरों ने पीछे से उस पर गोली चलाई और फरार हो गए।
मेला देखकर लौट रहे छात्र को बदमाशों ने मारी गोली
गोली लगने के बाद शांतनु को तुरंत आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। शांतनु मैट्रिक का छात्र था और उसके परिवार में इस घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों के मुताबिक, शांतनु की किसी से पुरानी दुश्मनी नहीं थी और न ही पूजा पंडाल को लेकर किसी विवाद की जानकारी सामने आई है। ऐसे में हत्या की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिससे पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है।
सदर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया, ’16 अक्टूबर 2026 की रात लगभग 9:15 बजे थाना अजीमाबाद के गांव बड़गांव के रहने वाले शांतनु कुमार को पौना बाजार में अज्ञात के द्वारा गोली मारकर घायल कर दिया गया। पुलिस तुरंत घायल व्यक्ति को लेकर सदर अस्पताल पहुंची जहां चिकित्सकों के द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया। शांतनु अपने मौसी के घर आया हुआ था और अपने मौसेरे भाई साहिल कुमार और उसके दो दोस्त सूरज और विशाल के साथ घूम रहा था। इसी दौरान यह घटना घटित हुई। घटनास्थल पर FSL टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन किया गया है और बाजार में स्थित CCTV कैमरों का अवलोकन किया जा रहा है। अन्य तकनीकी और मानवीय बिंदुओं पर अनुसंधान किया जा रहा है। विधि समर्थ कार्यवाही की जा रही है।’
पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही, FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटनास्थल पर एफएसएल (FSL) टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस टीम बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
पुलिस अन्य तकनीकी और मानवीय पहलुओं पर भी गहनता से जांच कर रही है। हमलावरों की पहचान और इस निर्मम हत्या के पीछे के वास्तविक कारण का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। इस घटना ने एक बार फिर राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता बढ़ा दी है।







