Bihar Politics Tejashwi Yadav: दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच बिहार की राजनीति में एक नया पोस्टर विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता नीरज कुमार शर्मा द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की गई एक विवादित तस्वीर को लेकर सियासी तकरार काफी बढ़ गई है। इस तस्वीर में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को दस सिर वाले रावण के रूप में चित्रित किया गया है, जो मां दुर्गा के चरणों के समीप गिरे दिखाई दे रहे हैं।
बीजेपी नेता नीरज शर्मा ने अपने पोस्ट में इसे ’10 सिर और 10 झूठ’ का नाम दिया। उन्होंने तेजस्वी यादव पर परिवारवाद, भ्रष्टाचार, रोजगार के झूठे वादे, अपराध को संरक्षण देने और प्रदेश को कथित जंगलराज की ओर धकेलने जैसे गंभीर आरोप लगाए। शर्मा ने जमीन के बदले नौकरी (लैंड फॉर जॉब) मामले का जिक्र करते हुए यह दावा भी किया कि अब पीड़ितों की जमीन लौटाने का समय आ गया है। इस विवादित पोस्ट के बाद से बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
राजद का पलटवार: 17 महीने का रिपोर्ट कार्ड जारी
विपक्षी दल अनर्गल आरोपों की राजनीति कर रहा है, जबकि तेजस्वी यादव के कार्यकाल में बिहार में विकास और रोजगार की ठोस जमीन तैयार हुई थी। – एजाज अहमद, राजद प्रवक्ता
इस विवादित पोस्ट पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कड़ा ऐतराज जताते हुए सीधा पलटवार किया है। राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने नीरज शर्मा के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने तेजस्वी यादव के 17 महीने के उपमुख्यमंत्री कार्यकाल का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक किया। अहमद ने कहा कि विपक्ष नकारात्मक राजनीति कर रहा है, लेकिन जनता काम और वास्तविक विकास का अंतर साफ समझती है।
राजद प्रवक्ता ने आंकड़ों का ब्योरा देते हुए दावा किया कि तेजस्वी यादव के 17 महीनों के कार्यकाल में राज्य के युवाओं को 5.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गईं। इसके अलावा, 2 लाख से ज्यादा शिक्षकों की पारदर्शी नियुक्तियां की गईं और भविष्य की भर्तियों के लिए 3.5 लाख नए पदों का सृजन भी किया गया। एजाज अहमद ने जोर देकर कहा कि त्योहार के पावन मौके पर बीजेपी का यह रवैया नकारात्मक राजनीति को दर्शाता है।
यह पोस्टर विवाद बिहार की राजनीति में गरमाहट बनाए हुए है। दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जिससे आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल और भी तीखा होने की संभावना है।






